आ जाओ मेरी गौरैया
आ जाओ मेरी गौरैया ..२ घर के मुँडेर पर बैठी गौरैयाचीं चीं करके पास आ जाती कहाँ गयी वो.. नन्हीं जान यादें उसकी ..मुझे सताती .ठहरी ये तो नादान एक पंक्षी क्रूर दुनिया से रही.. अन्जान विलुप्त हो गयी प्यारी गौरैया नाराज़गी किससे.. बतलाती तिनका तिनका जोड़ती रहती घर में ही कहीं घोंसले बनाती भोजन … Read more