कैसे भूलें माँ बाप के उपकार को छंद मुक्त
कैसे भूलें माँ–बाप के उपकार कोमाँ तो माँ ही होती है,कैसे भूलें उसके उपकार को,जिसके आँचल में सिमट जाता हैपूरा का पूरा संसार।नौ महीने पीड़ा सहकरजो जीवन को धरती पर ले आती हैकैसे भूलें उसके उपकार को।रात–रात भर जागती है,अपनी नींद कुर्बान कर देती है,बच्चे की एक मुस्कान परअपने सारे दुख भुला देती है।पालना–पोषण में … Read more