कुदरत का कर्ज
कभी किसी के आँसुओं की वजह न बनना,इससे बड़ा कोई पाप नहीं ॥ कभी किसी का दिल न तोड़नाइससे बड़ा कोई विश्वासघात नही । कुदरत का हिसाब बड़ा सख्त होता,हर दर्द ब्याज सहित जुड़ता जो दिया तुमने, वही लौट आएगा,कभी खुशी बन, कभी आघात बन जाएगा।धोखा, छल, या टूटा भरोसा कर्म का चक्र सब सिखा … Read more