बेटा शादी कर ले

सुन बेटा !! जीवन की राह में एक साथी चुन ले, सुंदर लड़की है, दिल में बसी हुई, फोटो में हंसती हुई तेरे लिए वह है,जीवन की यात्रा में, साथ देने वाली है। नहीं पापा, अब मैं शादी नहीं करूँगा, जिसे चाहा, वह तो छोड़ गई मुझे यादें उसकी दिल में अब भी बसी हैं, … Read more

भीष्म प्रतिज्ञा या विवशता

मन में एक जिज्ञासा है, क्या भीष्म पितामहजीवन में कभी ख़ुश रहे होंगे,, खुलकर हंसे होंगे ? हंसे भी होगें ,, तो किसके साथ ? विदुर के साथ या चक्रधारी के साथ, ,,या जीवन पर्यन्त मूक रहे दुर्योधन महत्वाकांक्षी था, धृतराष्ट्र पुत्र मोह में बंधे थे, प्रिय पांडव साथ नहीं थे, मन की वेदना किससे … Read more

बीती घड़ियाँ

मैं सुन रहा केवल चुप होकर, तू चाहे जो कुछ कह लेक्यों दिख नहीं रही वह चंचलता, जो थी तेरी पहलेमधुर और कष्ट पूर्ण भी हैजीवन की बीती घड़ियाँ क्या लाभ हानि तू जोड़ रहीबैठी अब बिखरी कड़ियाँ जो बीत गया सो बीत गया मन में न बांध गाँठे दग्ध हृदय की वेदना धीरे धीरे … Read more

जीवन एक पहेली

जीवन एक अजीब पहेली है, समझना इसे आसां नही जो चाहा वह मिलता नहीं, जो मिला रास आता नही जो खोया वह याद आता है जो पाया संभाला जाता नहीं जो सँभाला काम आता नही जो काम आता संजोया जाता नही । जीवन एक अजीब पहेली है, समझना इसे आसान नही जिंदगी जीना आसान होता … Read more

बेटी का दर्द

तू हँसती थी तो मैं हँसता था, तू रोती तो मैं रोता था बेटी तू तो नही अब जीवित है, पता नहीं कैसे मैं जीवित हूँ ..तेरी हर पीड़ा को मैने समझा, दुख को सुख कर डाला प्रभा पूर्ण तव मुख निहार, जीवन ख़ुशियाँ ले डाला पर नहीं बचा पाया तुझको, इस दुर्दांत जमाने से … Read more

प्रिय तुम कहते थे तुम मेरे हो एक गीत

प्रिये ! तुम कहते थे तुम मेरे हो पर साथ छोड़ क्यों चले गये .हाथों में हाथ जब आप दिये, पकड़कर हम साथ चलेजहां जहां चले आप,,,, वहाँ वहाँ हम संग चले सुख दुख बाँटे हम साथ साथ, तुम मेरे अवलंब रहे उठी क्षितिज से वेग भरी आंधी, आँधी में तुम उड़ चले ..प्रिये ! … Read more

जीवन के पल

जीवन के कुछ पल होते हैं, बहुत याद वे आते हैं खट्टे मीठे जैसे भी हो, वो पल सुनहरे लगते हैं ..मन को कैसे समझाऊँ नहीं समझ में आता है अन्तर्मन की व्याकुलता सब कुछ याद दिलाता है मन ही मन को समझाता पर नहीं समझ में आते हैं । हर पल कुछ खोता है … Read more

चारित्रिक गुण

व्यक्तित्व पहचान है बिन बोले सब कुछ कहता है ऊँची सोच रखने वाला गहरी बात ही करता है ..मेलजोल रखे अच्छे लोगों से अच्छी सीख मिलती है ज्ञान में होती है वृद्धि सोच बड़ी हो जाती हैसंस्कार जिसके अच्छे होते हैं अच्छा कर्म ही करते हैं भला करते हैं दूसरों की बुरा नहीं वे सोचते … Read more

उत्तरार्द्ध

“लगता है उत्तरार्द्ध आ गया”“तन की शक्ति क्षीण हो रही”लगता है उत्तरार्द्ध आ गया,तन की शक्ति क्षीण हो रही।साँस तो चलती है लेकिन,धीमे-धीमे थम सी रही।।घुटनों में अब दर्द ठहरता,नेत्रों का तेज़ गया कहीं।चलते-चलते ठहर सा जाता,थक जाता हूँ यहीं कहीं।।सोचता हूँ बैठ जाऊँ पलभर,फिर डरता यह आदत न बन जाए कहीं।।लगता है उत्तरार्द्ध आ … Read more

माँ शारदे वंदना

नमो भगवती माँ सरस्वती, ज्ञान का भंडार दे कृपा पात्र बनूँ आपका, भक्ति का उपहार दे ..मनसा वाचा कर्मणा ,ध्यान धरूँ माँ हृदय स्थल आत्म शुद्धि हो जाये मेरा, मन हो जाये निर्मल ब्रह्म विचार की परम तत्व, हृदय में अनूठे भाव दे कृपा पात्र बनूँ मैं आपका, भक्ति का उपहार दे ..शुक्ल वर्ण, शुक्लाम्बरा, … Read more