मत फेंक नन्ही जान को

मत फेंक नन्हीं जान को, ये तो प्रभु का वरदान है,मां की आँचल में बसता, सारा संसार महान है॥ठंडी सड़क किनारे रोती, नन्हीं-सी वो जानकाँप रही थी मासूम काया, ना था कोई सामान, ओढ़नी भी न दी किसी ने, बस चुप था सारा जहाँ,क्या पत्थर बन गया इंसान, क्या खो गया ईमान?कूड़े के ढेर में … Read more

मौन भी अधर्म का साथ है

श्रीकृष्ण वाणी मौन भी अधर्म का साथ हैमौन भी अधर्म है यदि आप मौन हैं!हे अग्रज भ्राता बलराम!आज आप अपने प्रिय शिष्य दुर्योधन के जाँघ पर वार करने पर प्रश्न उठा रहे हैंकिस नीति की बात कर रहे आप?कहाँ थे आप उस समय जब भीम को विष दिया गया था?तब आप मौन रहे।जब लाक्षागृह में … Read more

एक और क्रांति बाकी है

कहने को आज़ाद हैं हम पर बंधन अब भी बाकी हैं,हर ओर चमकता स्वार्थ यहाँ एक और क्रांति बाकी हैनेता बदल गए वेश यहाँ पर सोच वही पुरानी है,जनसेवा के नाम तले बस सत्ता की कहानी है।विकास के वादे मंचों पर बस शब्दों में जगमगाते हैं,पर गाँव की टूटी गलियों में बच्चे अब भी भटक … Read more

कितना क्रूर हुआ इंसान

कितना क्रूर हुआ इंसानमार रहा अब स्वयं इंसान, प्रेम की भाषा भूल गया तूशस्त्रों में उलझा,बना शैतान॥धरती माँ कराह रही हैनदियों का आँचल सूख गया,नौनिहालों को भी न छोड़ाईश्वर का मन भी टूट गया॥लोभ, सत्ता, स्वार्थ के मारेकितने सपने तूने मारे, उठ मानव! अब भी सुधर जाईश्वर का भी है कुछ विधान॥विनाश नहीं सृजन ही … Read more

क्या करें इस धन दौलत का

क्या करें इस धन-दौलत का, जब अपने साथ न हों,जीवन की इस राह पे जब कोई भी पास न हों॥घर आँगन तो हैं चमकते,दीवारें हैं ऊँची-ऊँची,पर मन का आँगन सूना है,ना हँसी, ना कोई ऊँची।सुनता हूँ अपनी ही धड़कन,जैसे कोई पुकार कहीं,धन के सागर में डूब गया,मन का मोती पार नहीं॥क्या करें इस धन-दौलत का, … Read more

मेरा देश

राम कृष्ण अवतरित हुए जहां वो देश हमारा भारत है ।तपस्वियों के तप से तपी हुई वो देश हमारा भारत है ॥प्राणों से प्यारी मेरी मातृभूमि हे माँ नमन आपको करते हैं अहो भाग्य हम यहाँ पैदा हुएवो देश हमारा भारत है॥नानक कबीर बुद्ध महावीर का है ये वतनसूर तुलसी रसखान जायसी का है ये … Read more

आओ जश्न मनाये आज़ादी

हे ! मातृभूमि तुझे प्रणाम.२वंदे मातरम्वंदे मातरम्आओ जश्न मनाएँ गणतंत्र दिवस आओ जश्न मनाएँ आज़ादी,पर पल भर ठहर कर सोचें हम,कैसे पायी यह आज़ादी हाँ कैसे पायी ये आज़ादी ??राष्ट होता सर्वोपरि, एक जूनून था, एक आंदोलन था, जय हिंद जयहिंद का नारा था, आओ पहले नमन करें हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों को, आओ पहले … Read more

बिक रहा सब कुछ पैसों के वास्ते

कैसा ये संस्कार है कहाँ जा रहे हैं हम हर रिश्ते बिकने लगे हैं पैसों के वास्ते ।बिक रहा ईमान है बिक रहे हैं रिश्ते बिक रही अब कोख है पैसों के वास्ते मासूम को मालूम नहीं कौन उसकी माँ ?रोता बिलखता वो रहा ममता के वास्ते ।बिक रहा सिंदूर है न रहा विश्वास सात … Read more

हम भारतीय

हम भारतीयलाख कोशिश करो, मनाइए,हम नहीं सुधरेंगेहम भारतीय हैं।चाय पिए, सामने डस्टबिन रखा है,पर नहीं बाहर कुल्हड़ फेंक दिए।पैदल चलना सड़क पर मुश्किल है,चलते-चलते सामने ही थूक दिए।जहाँ खाते हैं, वहीं फेंकते हैं,डस्टबिन खाली बैठा मुस्कराता है।सोचता होगा“मुझे क्यों रखा है?आख़िर मैं इनके लायक नहीं!”डंडे के शासन से हम डरते हैं,वरना हेलमेट से सिर में … Read more

जिम्मेदारी की पुकार

कुछ कर ले भाई, सोता न रह,ज़िम्मेदारी तेरे सिर पर है।समय था लिखने-पढ़ने का,भाग रहा था इधर-उधर।ज़िम्मेदारी पढ़ाई में न समझी,लाता था केवल सिफ़र।ज़िम्मेदारी आयी कमाने की,आलस्य में पड़ा सोता है।बिना परिश्रम के कुछ नहीं मिलता,कर्म करना पड़ता है।पड़ा-पड़ा घर में सोता है,भाग्य को अपने कोस रहा।कर्म बदलता है भाग्य को,इसे क्यों तू नहीं समझ … Read more