मत फेंक नन्ही जान को
मत फेंक नन्हीं जान को, ये तो प्रभु का वरदान है,मां की आँचल में बसता, सारा संसार महान है॥ठंडी सड़क किनारे रोती, नन्हीं-सी वो जानकाँप रही थी मासूम काया, ना था कोई सामान, ओढ़नी भी न दी किसी ने, बस चुप था सारा जहाँ,क्या पत्थर बन गया इंसान, क्या खो गया ईमान?कूड़े के ढेर में … Read more