मेरा मन रोता है गीत
हे प्रभु! देख ज़माने की ये हालत,मेरा मन रोता है।हर मासूम की आहों में,मेरा मन रोता है॥सड़क किनारे भूखा बच्चाठंड में सिसकता जाए,तन पर चिथड़े, आँखों में डर,नींद कहाँ वह पाए।है तो वह भी लाल किसी का,दर्द अकेले ढोता है,हे प्रभु! देख ज़माने की ये हालत,मेरा मन रोता है॥कंधों पर बोझ मज़दूरी काहाथों में कलम … Read more