जीवन के कुछ पल होते हैं, बहुत याद वे आते हैं
खट्टे मीठे जैसे भी हो, वो पल सुनहरे लगते हैं ..
मन को कैसे समझाऊँ
नहीं समझ में आता है
अन्तर्मन की व्याकुलता
सब कुछ याद दिलाता है
मन ही मन को समझाता पर नहीं समझ में आते हैं ।
हर पल कुछ खोता है
हर पल कुछ मिलता है
हर पल की अपनी कीमत है
हर पल की अपनी गाथा है
सुनहरे पल जो मुट्ठी में स्वर्णिम पल वे होते हैं ।
सुख दुख जीवन का साथी है
साथ साथ ही चलता है
जो भी पल हैं हाथों में
दोनों हाथों से पकड़ना पड़ता है
जीवन के कुछ पल होते हैं बहुत याद वे आते हैं।