तब सुन्दर कविता बनती है
तब एक सुन्दर कविता बनती है .मधुर विचारों की श्रृंखला मन में जब खिलखिलाती हैउमड़ते हैं भाव सुन्दर सुघड़ सलोनी रूप में लेखनी में उतर जाते हैं तब एक सुन्दर कविता बनती है । एक कुम्हार की तरह महीन मिट्टी चुनता है कवि,कूटता है, पीसता है, छानता है, मिट्टी में चमक आ जाती है तब … Read more