तब सुन्दर कविता बनती है

तब एक सुन्दर कविता बनती है .मधुर विचारों की श्रृंखला मन में जब खिलखिलाती हैउमड़ते हैं भाव सुन्दर सुघड़ सलोनी रूप में लेखनी में उतर जाते हैं तब एक सुन्दर कविता बनती है । एक कुम्हार की तरह महीन मिट्टी चुनता है कवि,कूटता है, पीसता है, छानता है, मिट्टी में चमक आ जाती है तब … Read more

ज़िन्दगी एक पुस्तक

ज़िन्दगी एक पुस्तक✍️ज़िन्दगी इक पुस्तक है, तीन पृष्ठ की कहानी हैलिख लो अपने मन की, यही ज़िन्दगानी है ▪️पहला पेज जन्म है, अंतिम पेज मृत्यु हैबीच का पेज खाली है, लिख लो अपने मन की हर पल एक नया अध्याय इक नई कहानी है लिख लो अपने मन की, यही ज़िन्दगानी है । ▪️जीवन एक … Read more

शीर्षक शून्य कविता

जब मन मस्तिष्क में कोई विचार न आये तो क्या करें , क्या कुछ न लिखे ऐसा तो नहीं है कि विचार हड़ताल पर हैं मन मस्तिष्क शून्य है चलो आज कुछ ऊट-पटांग लिखते है बिना किसी शीर्षक के हो सकता है लोग इसे ही पसंद करे ..हाँ तो इस समय मैं पार्क में घूम … Read more

भीगी पलकें

देख रहा हूँ तेरी आँखों में, पाता हूँ कितना दर्द भरा । नहीं समझ पा रहा हूँ माँ, सागर जैसा क्यों अश्रु भरा ॥बोझिल हैं तेरी आँखें जैसे कहती हैं तेरे दिल की व्यथा आँखें देखती ही नहीं बोलती भी बयां करती सब व्यथा मत रोना तुम मेरी माँ, बिछुड़न तो संसार की नियति है … Read more

जीवन की पगडंडी

ऐ मेरी प्यारी पगडंडी,मेरे बचपन की पगडंडी,तू है मेरे जीवन की पगडंडी।तेरी राहों में बिखरे हैं फूल,तेरी धूलि में नन्हे पाँव के निशान।तेरे किनारों पर हँसते हैं झुरमुट फूल,तेरे पथ पर गूँजती है चहकती नदियाँ।तेरी छाँव में खेला मैंने बचपन,तेरी कुहासों में खोए सपने।ऊबड़–खाबड़, टेढ़ी–मेढ़ी,जैसी भी हो, तू हमेशा प्यारी लगी।छोड़ देता हूँ पक्की सड़कें,जो … Read more

दांत का तिनका दोहे

तिनका छोटा ही सही, घाव करे गंभीर ।दाँतों में ऐसा फँसा,चुभता जैसे तीर ॥ देखन में छोटन लगे,छीने मुख की चैन ।दंत छिद्र में आ फँसा, करता है बेचैन ॥स्थायी घर बना लिया, दंत छिद्रों के बीच ।नीम की सींके अब कहाँ, कैसे निकले नीच ॥लघु किसी को न मानिए, सबका अपना क्षेत्र |तिनके को … Read more

बेटियाँ परायी कब होती हैं

बेटियाँ परायी कब होती हैं?क्या जब उनकी शादी होती है?और वे घर की चौखट से विदा होती हैं?नहींयह तो जीवन की एक नई शुरुआत है।नई मंज़िल है नया आकाश है।बेटियाँ परायी तब होती हैंजब वे मायके आती हैंऔर झिझक जाती हैंकभी मुस्कुराना भी सोचकर करती हैं।भाभी-भैया का मूड देखती हैं,हर शब्द बोलने से पहले संभलती … Read more

अपना जपूँगा महामंत्र

अपना जपूँगा महामंत्र अपना जपूँगा महामंत्र किसकी खोजूँ मैं शरणसबका जीवन वैचित्र्य भरा अपना स्वार्थ साधने में संसार है ये पड़ा ॥ अहम का बोलबाला है दिल आज काला हैविश्वास हम किस पर करें अपने ही छीनते निवाला है रिश्तों में भी अब नहीं पहले जैसी मिठास अपना स्वार्थ साधने में हीसंसार है ये पड़ा … Read more

बच्चों की मुस्कानगीत

दोस्तों ! चार दिनों की ज़िन्दगी में,क्या ऐसा कर जाये लोग मेरे गुण गाये?सोचता रहता हूँ इस सवाल का हल,बच्चों की मुस्कान में ही मिल जाता है ये जवाब▪️बच्चों की मुस्कान, जो दुनिया को रोशन करती है,उनकी खुशी, जो हमारे जीवन को अर्थ देती है।हर एक मुस्कान, एक नया सवेरा लाती है,एक नया आशा का … Read more

प्रेम गीत

जो प्रेम किसी को पीड़ा दे, वह प्रेम नहीं होता । सुख दुख में जो न साथ निभाए, वह प्रेम नहीं होता ॥ ●प्रेम एक अनमोल भावना है,प्रेम जीवन जीने का अर्थ होता सुख दुख में जो न साथ निभाए,वह प्रेम नहीं होता, एक ख्वाब नहीं होता।●प्रेम तो है दिल से अनंत समर्पण,प्रेम एक विश्वास … Read more