आजी की वेदना

आजी, हे मेरी आजी!आपका प्यार, आपका त्याग,हमेशा मेरे साथ है।कर्म से डरो, भाग्य से नहीं,आपकी याद मेरी राह बनाती है।एक गांव में एक लड़का था,जिसका बचपन अपनी आजी के साथ बीता।सुबह चार बजे उठती, रात में सब सोने के बाद सोती,घर का सारा काम स्वयं करती।परिवार के सदस्य प्यार तो करते,पर जिम्मेदारी का बोझ उठाना … Read more

चेहरे पर चेहरा

बहुत धोखे हैं इस दुनिया में चेहरे पर चेहरा होता हैकाश मैं चेहरा पढ़ पाता, मन की बात समझ लेता । कौन है सच्चा, कौन है झूठा, कौन है मक्कार यहाँ पहचाने तो कैसे पहचाने चेहरा पढ़ना आसान कहाँ भोली सूरत बना कर आते हैं छल कर चले जाते हैं काश मैं चेहरा पढ़ पाता … Read more

मेरी कविता गीत

कैसे करूँ परिभाषित कितनी सुन्दर है तू मेरी कविता भावों की तू है अभिव्यक्ति रस छंदों में गुँथती कविता ॥ सुरताल पर जब थिरकती,, तब खिलती है तू कविता छंद विधान में जब बँधती है तब निखरती है तू कविता पतझड़ जब भी आता है क्रंदन करती है मेरी कविता कैसे करूँ परिभाषित कितनी सुन्दर … Read more

प्राण बोला तन से

प्राण बोला तन से मित्र ! आज तो मेरी विदाई है, बहुत दिया है साथ आपने अच्छी मित्रता निभाई है ।क्या चलोगे तुम मेरे साथपर कैसे चलोगे, भारी भरकम यह तन लेकर मेरे साथ तो नहीं उड़ पाओगे ।मैं तो वायु हूँ, उड़ लूँगा, मुझमें इतनी शक्ति है, पर तुम मेरे बिन कैसे रहोगेदोस्त ! … Read more

औघड बाबा भजन

औंघड बाबा डम डम डमरू बजाये खड़े नंद के द्वार रे .माँ यशोदा धायी है भीतर से पलना में सोया, जग जायो मोरा लाल रे ॥२ बाबा बोले हे मैया हम बहुत दूर से आयो रे ,,, हाँ मोहि भिक्षा दे दो जो मोरे भायो रे मोरे कमी नहीं है धन की, न किसी वस्तु … Read more

सफलता का मंत्र

ख़्वाब है, विश्वास है तो मंजिल है दूर नही, एक दिन ऐसा आयेगा हम अपने स्वप्नों में जियेंगे ॥ज़िन्दगी सरल हो, पर ख़्वाब ऊँचे होंशुरूआत छोटे स्तर पर भले हो, आत्मविश्वास ऊँचे हो, मन में हो दृढ़ संकल्प, हम कुछ बड़ा करेगें हम कुछ बड़ा करेंगे, मेहनत व्यर्थ नहीं होने देंगे॥मेरे हौसले बुलंद हैं, हम … Read more

हम तो चले स्वदेश

हे बोथल के प्रिय मित्र मेरे, बहुत कर ली यहाँ पहुनाई ।वापस चल आज मेरे भाई स्वदेश चलने की घड़ी आई ॥ख़ूब गाने हुये,बजाने हुये,चुटकुले हुए, खूब ठहाके लगे मन हुआ खूब आह्लादित आप मित्रों संग ख़ुशियाँ मनाई खूब जश्न किया, खूब मस्ती हुई, खूब हुई स्वागताई वापस चल मेरे भाई स्वदेश चलने की घड़ी … Read more

बाग़बान की सीख

एक ही बार नहींकई बार देखी मैंने बाग़बान मूवी।चलचित्र ही सही,पर है तो यही जीवन की सच्चाई।ऐसी मार्मिक कहानीहृदय-स्थल को मेरे छू गई।कहानीकार भी वही लिखता हैजो अपने आसपास देखता है।जरा कल्पना करोजिसका जीवनसाथी बिछड़ गया हो,उस पर कैसी बीतती होगी?जीना तो होगा,पर वह बात कभी नहीं होगी।“ऐ जी उठो! बिस्तर छोड़ो”“चाय तैयार है, यहीं … Read more

दोहरा चरित्र

दोहरा चरित्र, दोहरा जीवन, होता एक दिखावाबाहर से दिखता साधारण, भीतर से है छलावा ॥अंदर से होता खोखला ऊपर से चमकता है दोहरा चरित्र मुखौटा पहनकर चलता हैसावधान रहें दोहरे चरित्र से मिलता केवल धोखा बाहर से दिखता साधारण, भीतर से है छलावा ॥छद्म भेष धारण करता है देता केवल धोखा असली चेहरे को छुपा … Read more

अब मैंने जीना सीख लिया हैगीत

अब मैंने जीना सीख लिया है हर पल को जीना सीख लिया है ॥जो बंदा कल तक जीवित थावह आज नहीं है, सच्चाई यही है जीवन का अगले पल का कुछ पता नहीं हैजब जीवन ही अनिश्चित है कल के लिए मैं क्यों सोचूँ ?आज में जी लूँ, जी भर कर क्यों न जी लूँ … Read more