आजी की वेदना
आजी, हे मेरी आजी!आपका प्यार, आपका त्याग,हमेशा मेरे साथ है।कर्म से डरो, भाग्य से नहीं,आपकी याद मेरी राह बनाती है।एक गांव में एक लड़का था,जिसका बचपन अपनी आजी के साथ बीता।सुबह चार बजे उठती, रात में सब सोने के बाद सोती,घर का सारा काम स्वयं करती।परिवार के सदस्य प्यार तो करते,पर जिम्मेदारी का बोझ उठाना … Read more