हे माँ जगदम्बे
हे मां! हे माँ जगदंबे! हम शरण तुम्हारी आये हैं,मैया शरण तुम्हारी आयें हैं।कृपा अपनी बनाये रखना,हम केवल तेरे सहारे हैं।हे मां! हे माँ जगदंबे! नव रात्रि के इन नौ दिनों मेंधूम मची चहुंओर हैं।जहाँ भी जाओ हर गली में,माता तेरा शोर है।मन्दिर मन्दिर तेरे हो रहे जयकारे,हम शरण तुम्हारी आये हैं।जिसने भी की तेरी … Read more