शिव और शबरी का मिलन
बोले शिवजी माता शबरी से“हे माते! खिला दे मुझे वे बेर,जो प्रभु राम को तूने खिलाये थे।दे दे यह भिक्षा मुझे, भिक्षुक रूप में,तेरे द्वार पर आज मैं आया हूँ।”तेरे प्रेम ने शिव को झुका दिया,तेरे त्याग और समर्पण नेभक्ति का नया मार्ग दिखा दिया।ये भोलेनाथ भी आ पहुँचे तेरी कुटिया,हे माते! दे दे वे … Read more