ऐ ज़िन्दगी ! ज़रा तू धीरे-धीरे चल
हर पल को जी लूँ, अमूल्य हैं हर पल.
काँटो को साफ कर सुन्दर राह तू दिखा
ज़िन्दगी को जीने का सलीका तू सिखा
राहों में बिछा दे खुशियों के फूल तू
देखकर मन जाए जाए मेरा मचल ॥
हर पल को जीने का मज़ा लेंगे हम
खुशियों के फूलों को देख मुस्करायेगें हम
तू मेरे लिए रुक जा, मैं तेरे लिए रुकूँ
मैं तेरे साथ चलूँ, तू मेरे साथ चल ।
कुछ काम हैं अधूरे कुछ क़र्ज़ अभी भरने
कुछ मक़सद हैं अभी बाक़ी उन्हें पूरे करने
मानव तन ये मिला है उसके सार्थक करना
ऐ ज़िन्दगी !! ज़रा तू धीरे-धीरे चल।
हम दोनों मिलकर ज़िन्दगी को जिएंगे
हर पल को जीने का मज़ा लेंगे हम
ऐ ज़िन्दगी !! ज़रा तू धीरे-धीरे चल
हर पल को जी लूँ अमूल्य हैं हर पल!