हे माँ जगदम्बे

हे मां! हे माँ जगदंबे!

हम शरण तुम्हारी आये हैं,

मैया शरण तुम्हारी आयें हैं।

कृपा अपनी बनाये रखना,

हम केवल तेरे सहारे हैं।

हे मां! हे माँ जगदंबे!

नव रात्रि के इन नौ दिनों में

धूम मची चहुंओर हैं।

जहाँ भी जाओ हर गली में,

माता तेरा शोर है।

मन्दिर मन्दिर तेरे हो रहे जयकारे,

हम शरण तुम्हारी आये हैं।

जिसने भी की तेरी भक्ति,

उसने पायी तुझसे शक्ति।

तेरी महिमा तू ही जाने,

हम तो केवल तेरे सहारे हैं।

नौ दिनों में नौ रूपों में,

आप प्रकट होती हो माँ।

तू ही शक्ति, तू ही भक्ति,

तेरी कृपा से चलता संसार।

हम तो तेरे दर्शन के प्यासे,

शरण तुम्हारे आये हैं।

दर्शन दे दे हे मइयाँ,

हम तो केवल तेरे सहारे हैं।

हे मां! हे माँ जगदंबे!

हम शरण तुम्हारी आये हैं,

मैया शरण तुम्हारी आयें हैं।

कृपा अपनी बनाये रखना,

हम केवल तेरे सहारे हैं।

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