मेरे बडे पिताजी

आपका हँसता हुआसबको हँसाता हुआ, हरफ़नमौला व्यक्तित्व, विपरीत परिस्थितियों में भी तटस्थ रहने वाला, अपनी धुन में ही रमता हुआ एक सिद्ध योगी जैसा दिव्यमान चेहरामेरी स्मृतियों में हुबहू आज भी सब कुछ याद आता है .शास्त्र पारंगत, वेद विशारद,भागवत वाचक, शास्त्रार्थ प्रेमी, रामचरितमानस के कुशल चितेरे, अद्भुत गायन, अद्भुत शैली सब कुछ तो कंठस्थ … Read more

बेटी की पीड़ा

अरे भेड़ियों ! अधम हो तुम, नज़र बेटियों पर डालते हो क्या माँ बहन नहीं है तेरे घर,जो राह बैठे तकते रहते हो बेटियों को समझ रहे खिलौना,मर्जी से अपनी खेल रहेतार तार करते उनकी इज़्ज़त, स्वयं को मर्द समझते हो । मर्द नहीं तुम कायर हो, मर्दों का तो यह होता कृत्य नही नारी … Read more

माँ की ममता

नयनों में बसे वो पल भुलाऊं कैसेममता में डूबे वो पल भुलाऊं कैसे ..वह डाट वह सीख भाती थी मुझे नाराज़गी मां की सताती थी मुझे वे अनमोल पल भला पाऊँ कैसे नयनों में बसे वो पल भुलाऊं कैसेहर लफ़्ज़ याद है कहानी की तरह हर हिदायत याद ज़ुबानी की तरहयादों के काँटे भला निकालूं … Read more

ड्योढ़ी का बँटवारा

ले ले भाई सब कुछ तू पर इस ड्योढ़ी का बँटवारा मत कर । यहीं पर मेरा बचपन बीता था यहीं पर तेरा बचपन बीता था ड्योढ़ी पार तू कर नहीं पाता था खींच कर तुझको पार कराता था । यहीं पर अम्माँ बैठी रहती थी यहीं पर बप्पा बैठे रहते थे, पुरखों की यादें … Read more

पिता जी के अन्तिम शब्द

नवम्बर उन्नीस सौ बान्नवे स्थल -मेडिकल कालेज, लखनऊयाद आते हैं वे शब्द जो आपके मुख से निकले थे डाक्टर साहब !! “मैं मरना नहीं चाहता”यही तो वे अन्तिम शब्द थे जो ज़हन में आज भी घूमते हैं मैं खड़ा रहा शून्य सा ..किंकर्तव्यविमूढ़ कभी डाक्टर की भाव भंगिमा को परख रहा था कभी पिता जी … Read more

बेमानी रिश्ते दोहे

चोर उचक्के आ मिले, लगा रहे हैं घात । बचकर इनसे हम रहें, कब करें प्रतिघात ॥ कदम कदम पर है ठगी, घर हो या बाजार ।जाये तो जाये कहाँ, लूट लूट अरु मार ॥ सगे पराये कुछ नही, सबकी एक ही सोच ।मौक़ा पायें जब कभी, खाल लेत हैं नोंच ॥मन में तो कटुता … Read more

पत्नी का साथ दोहे

देता हूँ एक मशविरा, सुन लो कान लगाय । पत्नी यदि नाराज़ है, पंगा मत लो भाय ॥ गृह कलह मत बढ़ाइये, मन में रहे सुकून । शांति से जीवन कटे, पा रोटी दो जून ॥कुछ समय भी निकालिए, बैठिये पत्नी पास ।इधर उधर मत नाचिए, पत्नी मन हो हुलास ॥ हाथ बंटा लो किचन … Read more

हे माँ तेरी ममता कहाँ गयी

हे माँ, तेरी ममता कहाँ गईमुझे प्यार क्यों नहीं करती कितनी पत्थर दिल की हो मेरी पीड़ा को नहीं समझती हे माँ, तेरी ममता कहाँ गई▪️मैं तेरा बच्चा हूँ, तेरा खून हूँतेरी कोख से जन्मा हूँफिर क्यों मुझे तपाती हो धूप मेंबिन कारण पीटती हो ▪️मैं तेरा अरमान हूँ, तेरा सपना हूँतेरी खुशी का सबब … Read more

नन्ही परी

तू तो है इक नन्ही परी सबके दिल की धड़कन ढेर ख़ुशियाँ तुझसे जुड़ी स्वागतम् ! स्वागतम् !छोटे छोटे बने हाथ तेरे छोटे छोटे हैं पाँव तेरे छोटी सी तू गुड़िया जैसी स्वागतम् ! स्वागतम् ! हर्षित है खूब मेरा मनहोने वाला तेरा आगमनझूम रहें हम ख़ुशियों में स्वागतम् ! स्वागतम् ! आ जा रे … Read more

संयुक्त परिवार

वो पंगत में बैठ के साथ साथ जेंवनाअपनों की संगत में रिश्तों को जोड़ना यादें ही शेष हैं कुछ भी नही अवशेष है संयुक्त परिवार चढ़ा स्वार्थ की भेंट है । दादा की लाठी पकड़ गलियों में घूमनादादी का बलैया लेना माथे को चूमना संस्कार और संस्कृति रग रग में बसते चढ़ गया सब कुछ … Read more