मेरे बडे पिताजी
आपका हँसता हुआसबको हँसाता हुआ, हरफ़नमौला व्यक्तित्व, विपरीत परिस्थितियों में भी तटस्थ रहने वाला, अपनी धुन में ही रमता हुआ एक सिद्ध योगी जैसा दिव्यमान चेहरामेरी स्मृतियों में हुबहू आज भी सब कुछ याद आता है .शास्त्र पारंगत, वेद विशारद,भागवत वाचक, शास्त्रार्थ प्रेमी, रामचरितमानस के कुशल चितेरे, अद्भुत गायन, अद्भुत शैली सब कुछ तो कंठस्थ … Read more