रिश्तों की कहानी गीत
जीवित रहते ही, रिश्तों की कहानी हो गई,जीवित रहते ही, मिलते थे जो गले, आज वीरानी हो गई।समय का ये कसूर है या प्रेम में हल्कापन,हर दिन की यादें बिखरी हैं, दिल में संजोकर रखता हूँखिड़की के किनारे बैठी, बचपन की हँसी याद आती है,छत पर खेलते वो दिन, अब बस यादों में समाती है।बरसात … Read more