मां बाप का दर्द

इतना न इतराओ बच्चों ये माँ बाप तुम्हारी पूँजी हैं भीख नहीं ये मांग रहे प्यार में तुम्हारे झुकते हैं । तुम्हारी दया के पात्र नहीं साक्षात देव तुल्य हैं ये चाहे जितना दुत्कार मिलेआशीर्वाद हृदय से देते हैं ।हर चुनौतियों से लड़ते हुए तुमको पाला पोसा है सहारे की लाठी बन जाओ तुम्हारा सहारा … Read more

एक माँ की वेदना

चुप हो जा मेरे लाल मत रो मेरे लाल रो रो के हो गया बेहाल चुप हो जा मेरे लाल तू तो है अभी अबोध तुझे कुछ भी नही प्रबोध तू हो गया अनाथ कौन देगा तेरा साथ ? गोद में खिलाते थे तेरे पापा तुझको कंधे पर बिठाते थे तुझको बुनते थे हम दोनों … Read more

एक पत्नी की वेदना

हे प्रियतम ! तुम मेरे जीवन में आयेबहारों की बगिया बनकर मैने संजोये सुन्दर सपने तुमसा जीवन साथी पाकर । खायी क़समें साथ साथ जीवन पथ पर चलने कीहृदय में रच बस गये आप धन्य हुई मैं तुमको पाकर ।ख़ुशियों के मेरे किवाड़ खुलेजीवन बगिया खूब महक गयीकूद रही थी चहक रही थी अपने पति … Read more

बेटा विजय

बेटे विजय के जन्मदिन पर ✍️💐💐💐💐💐💐💐प्यारा सा वह मेरा नटखट, आज मेरा भाग्य बना अरे पिता के प्रतिनिधि, तुझसे मिला सुख घना जो लिखूँ सब कम तर है तेरी सोच बहुत उच्च तर है जब नाम ही है तेरा ‘विजय’ विजय तेरी सुनिश्चित है ईर्ष्या नहीं, अभिमान नहीं, झूठ फ़रेब का भान नही हंसमुख स्वभाव, … Read more

रिश्तों की गाँठें

गाँठ तो गाँठ है बहुत चुभती है ये गांठे.चाहे रिश्तों के कच्चे धागों की हों गाँठें, या शरीर में किसी हिस्से की हों गाँठें, गाँठ है तो चुभती हैं वे गाँठेंबुरी तरह सताती है वे गाँठे, आसानी से कहाँ खुलती हैं बंधी गाँठेंधागे टूट जाते हैं पर मज़बूती से जकड़ी रहती हैं गाँठेंहाँ जिस धागे … Read more

भाई बहन के रिश्ते

भाई बहन के रिश्ते होते हैं खून के रिश्ते गंगाजल जैसे पवित्र रिश्ते जग में हैं ये न्यारे रिश्ते ।खेले कूदे संग ये रिश्ते पढ़े लिखे संग ये रिश्ते खट्टे मीठे जिये ये रिश्ते बहुत ही प्यारे ये रिश्ते ।कच्चे धागे में बंधे ये रिश्ते संकल्पों की डोरी में गुँथे ये रिश्ते सुख दुख संग … Read more

बेटी

बेटी तो है साक्षात लक्ष्मी बड़े भाग्य से घर आती है जिस घर में पैदा हो जाती घर को पावन कर देती है । पढ़ने लिखने में होती कुशाग्र कहीं कमतर नही यह होती हैमिले इसे पर्याप्त अवसर तो चाँद पर पांव यह रखती है ।हर क्षेत्रों में छायी है बेटियाँ सब जगह दबदबा है … Read more

दो वृद्ध दम्पत्ति (प्रियतमा की पीड़ा)

उठो प्रियतमे! देर हो गयी, मन मेरा अकुलाये, कुछ तो कहो, मौन क्यों हो तुम, सूनापन न भाये। सूर्य किरण फैल गयी नभ में, उजियारा घर आया, परिन्दों ने छोड़ा अपना बसेरा, मधुर राग सुनाया। ब्रह्म मुहूर्त में उठती थी, नित्य कर्म निभाती, चाय बना कर स्नेह भरे हाथों से मुझे पिलाती। आज न जाने … Read more

हे मेरी प्यारी माँ

हे मेरी प्यारी माँ !तू तो कहाँ चली याद तेरी जब आती हैं नयनों में आंसू मेरे आते हैं ।जब भी घर मैं जाता था तू दौड़ कर गले लगाती थी कितना सुंदर लगता था सब सपने जैसे अब लगते हैं ।भाई बंधु सब बिखर गये,कुछ इधर गये कुछ उधर गये,घर बार मेरा सब छूट … Read more

विदाई गीत

हे बोथल के दोस्त मेरे, चलने की घड़ी अब आई अब चल चल रे मेरे भाई बहुत कर ली यहाँ पहुनाई । आप सबसे दिल से हुई खूब मिताई, मिलकर कर ली बहुत घुमाईख़ूब जश्न किया, ख़ूब मस्ती हुई, ख़ूब खिंचाई हुई, ख़ूब हुई धुलाई ! अब चल चल रे मेरे भाई बहुत कर ली … Read more