बेटे के नाम
बेटा विजय, मैं तेरे बारे में क्या बोलूं और क्या न बोलूँ बोलूँ तो कितना बोलूँ और कितना न बोलूँ ! यादो की श्रृंखला बहु लम्बी हैबात बहुत कुछ कहनी है ! जब नाम ही है तेरा ‘विजय’ तो सारे लक्ष्यो पर भीहोगी तेरी निश्चित विजय, ईर्ष्या नहीं, अभिमान नहीं,छल कपट, झूठ फ़रेब का भान … Read more