जीवन की सच्चाई

एक ही बार नहीमैंने कइयों बार देखी बागवां मूवी..हृदय स्थल को मेरे छू गयी वह तो एक मूवी थी पर है यही जीवन की सच्चाई मूवी भी तो समाज का प्रतिबिंब होती है । सोच रहा हूँ ऐसी परिस्थिति कभी न कभी तो जीवन में आती ही हैकोई साथ साथ तो जाता नहीकैसा महसूस होता … Read more

जन्म सार्थक कैसे कर पाऊँ

जन्म सार्थक कैसे कर पाऊँहे हरि ! तेरी कृपा कैसे मैं पांऊ.हर क्षण याद करूँ प्रभु,छोड़ तुम्हें भजन करूं मैं किसको मानव तन पाया कुछ न कीन्हा, दोष भला लगाऊँ किसको मन चंचल है नहीं है वश में, क्षण भर एकाग्र नहीं होता है स्वतंत्र भ्रमण यह करता है, कैसे वश में इसको लाऊँमुझसे अच्छा … Read more

कविता

कविता लिखना कला ✍️विचारों की श्रृंखला जब मन में खिलखिलाती हैसृजन होते हैं सुन्दर भाव, तब कविता बनती है ..कुम्हार की तरह मिट्टी चुनता है कवि,कूटता है, पीसता है, छानता है क्रमवार बार बार करता है, साँचे में ढालता हैतब एक सुन्दर कविता बनती है ..विचार आते हैं, जाते हैं, लुप्त हो जाते हैं, इन्हें … Read more

क्षमा

कहते हैं पश्चाताप करने से भी अपराध के कुछ अंश क्षीण हो जाते हैं जाने अनजाने किसी का दिल दुखाया हो मैं क्षमा प्रार्थी हूँ ..उम्र के इस पड़ाव पर आकर सोचता हूँ तो पाता हूँ किकहीं न कहीं कुछ अपराध जरूर हुए हैं मैं क्षमा प्रार्थी हूँ ..ज़रूरी नहीं शारीरिक अपराध हो कटु वाणी … Read more

हौसला

मत हो निराश मेरे बच्चों ! जीवन पथ पर तुम्हें चलना है मिलेंगे काँटे जगह जगह, काँटों को साफ तुम्हें करना है ।कमजोर तुम्हारा वक्त है तुम नहीये वक्त भी गुज़र जायेगाखिलेंगे फिर फूल चमन में नया सवेरा फिर आयेगा, हिम्मत ही तेरा संबल हैहिम्मत ही होता आत्मबल है हिम्मत नहीं छोड़ना तुम विजय पताका … Read more

जीवन चक्र

बैठा हूँ बालकनी में,वृक्षों की शृंखला देख रहा हूँ,कल जो हरे भरे थे,आज ठूंठ जैसे दिख रहे हैं।जीवन की यात्रा में कई मोड़ आते हैं,कुछ खुशियाँ, कुछ गम के साथ जाते हैं,पत्तों की तरह हम भी गिरते हैं,पर नए जीवन की उम्मीद में फिर से उठते हैं।जैसे पत्ते गिरते हैं,वैसे ही जीवन की पल-पल बदलती … Read more

ठहराव

थोड़ा थक गया हूँ, विश्राम चाहता हूँ, लंबी यात्रा जो कर ली है, कुछ ठहराव चाहता हूँ । ज़िन्दगी में पीछे मुड़ कर नहीं देखा अपने ही आत्म बल पर बढ़ता ही रहा हूँ मैं, देखा सुना बहुत है जीवन यात्रा में अब तक कुछ खट्टे, कुछ मीठे, जैसे भी रहे हो उन्हीं का रस … Read more

मौसमी दोस्त

मौसमी दोस्त मिलते हैं और चले जाते हैं हवा के झोंकों की तरहआकाश में उड़ते हुए झूठे बादलों की तरह प्रकृति के मौसम की तरह क्यों करें भला इंतज़ार जानता हूँ तुम चले जाओगे लौटकर आओगे भी कि नही भ्रम में जीना नहीं चाहतातेरे लिये मरना नहीं चाहता ..तुम नही हो तो क्या हुआ सोच … Read more

नीतिगत दोहे

सच से करता प्रश्न हूँ, बैठे क्यों हो मौन। हंसकर बोला प्रेम से, सुनता सच है कौन ॥सरल स्वभाव है भला, होता ये संस्कार । निर्बल उसे न समझिये, जिसका हृदय उदार ॥झुकना अच्छी बात है, देती इक पहचान।स्वाभिमान के मोल पर, होत नही सम्मान।।मिट जाती हैं दूरियां, रख वाणी पर मौन । विनम्रता का … Read more

मुकाम

मुकाम तू निश्चित पायेगा ,रण छोड़ नही संघर्ष कर अवरोध पग पग पर मिलेंगे, कंटकों की परवाह न कर चलता जा तू ऐ वीर सिपाही अपने निश्चित कर्म पथ पर हांक तेरी एक ही रहे आगे बढ़ें आगे बढ़े प्रेम से लगाना सबको गले जो तुझे पथ में मिलेरुकना नही तू ऐ राही जब तक … Read more