कहते हैं पश्चाताप करने से भी
अपराध के कुछ अंश क्षीण हो जाते हैं
जाने अनजाने किसी का दिल दुखाया हो
मैं क्षमा प्रार्थी हूँ ..
उम्र के इस पड़ाव पर
आकर सोचता हूँ तो पाता हूँ कि
कहीं न कहीं कुछ अपराध जरूर हुए हैं
मैं क्षमा प्रार्थी हूँ ..
ज़रूरी नहीं शारीरिक अपराध हो
कटु वाणी के अपराध भी कम नहीं होते
मैंने भी कभी न कभी कटु वचन ज़रूर बोले हैं
मैं क्षमा प्रार्थी हूँ ..
माता- पिता, भाई बहन, सगे सम्बंधी
या जो भी हम से श्रेष्ठ हैं
उनके प्रतिष्ठा का सम्मान न किया हो
मैं क्षमा प्रार्थी हूँ ..
मैं अहिंसा का हिमायती हूँ
संसार के किसी भी जीव को
यदि क्षति पहुंचाई हो
मैं क्षमा प्रार्थी हूँ .
यदि मेरे कर्म, मेरे विचार
मेरी वाणी , मेरे व्यवहार से
कोई आहत हुआ हो
मैं क्षमा प्रार्थी हूँ ..