मनके की गणना
माला के मनके कहते हैं ऐ मन ! तू मुझ पर टिक जा ! बुद्धि गिनती है मनके, कहती नहीं नहीं एक सौ आठ पर जाकर रुक जा माला के मनके यही चाहते, उन पर मन टिक जाए फ़ितरत मन की ऐसी,, एक जगह न टिक पाए मन कहता क्यों रुकूँ,, चंचल स्वभाव है मेरा … Read more