धन दौलत किसके पास रहा है किसके पास रहेगा
पानी का तो काम है बहना,,, यह हर हाल बहेगा ..
संतोष कर जो कुछ पाया लालच होती बुरी बला है
लालच मत कर लोभ छोड़ जीवन जीना एक कला है
संचित करना है तो पुण्य कमाओ यही साथ चलेगा
प्रभु को भज ले बंदे सत्कर्म कर जीवन उद्धार करेगा ।
जो कुछ भी दिखता इस दुनिया में सब मोह माया है
चाहे जितना सज संवर लो मिट्टी में मिलना काया है
पंचतत्व निर्मित तन पंचतत्व में ही यह मिल जायेगा
भज ले प्रभु को,ध्यान लगा, यही नैया पार करायेगा ।
सब कुछ पाया इस जीवन में एक इच्छा अब बाक़ी है
प्रभु जी इतनी दया करो आपका दर्शन अभी बाकी है
धन दौलत किसके पास रहा है किसके पास रहेगा
पानी का तो काम है बहना,,, यह हर हाल बहेगा ॥