मेरी दिनचर्या

सूर्योदय की पहली किरणों से मेरा दिन शुरू हो जाए

प्रकृति की हरियाली में,मेरा मन खुशियों से भर जाए

वृक्षों की छाँव में बैठना,

नदी की धारा को देखना

फूलों की सुगंध में खो जाऊं,

पक्षियों की चहचहाहट सुनूँ

बच्चों के साथ खेलना,

उनकी मासूमियत में ख़ुशियाँ ढूँढना

रात को तारों की चमक में,

मेरा मन खुशियों से भर जाए।

सूर्योदय की पहली किरणों से मेरा दिन शुरू हो जाए

प्रकृति की हरियाली में,मेरा मन खुशियों से भर जाए

पहाड़ों की ऊंचाइयों पर,

मेरा आत्मविश्वास बढ़ जाए

समुद्र की गहराइयों को झांक,

मेरा मन शांत हो जाए

हर पल में प्रकृति की छाँव,

मेरे जीवन को सार्थक बनाए

यही है मेरा जीवन का मंत्र,

दिनचर्या ख़ुशियों में बिताए ॥

सूर्योदय की पहली किरणों से मेरा दिन शुरू हो जाए

प्रकृति की हरियाली में,मेरा मन खुशियों से भर जाए

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