राम नाम रस पी ले रे मन
राम नाम रस पी ले रे मन,तेरे सब दुख मिट जाये राम बिना शांति कहाँ पाये,राम बिना शांति कहाँ पाये माया के मेले में भटका मन,पथ का पता तू पा न सके सुख की चाह में दौड़ा फिर भी,दुख का काँटा मन को चुभे एक घड़ी को बैठ ज़रा मन,झाँक ज़रा तू भीतर अपने सुख … Read more