आये थे हरि भजन को भजन
आये थे हरि भजन को,घोटन लगे कपास।विषयों में इतना रम गये,भव में बिखरा सुवास।ऊं हरि हरि हरि हरिमन ने कहा, छोड़ो तनिक,जन्म-मरण की बात।जीवन तुझको जो मिला,पहले उसको भोगो तात।ऊं हरि हरि हरि हरिभूल गया यम दंड-प्रहार,नहीं रहा कोई त्रास।जीवन की डोर कहीं और है,दीर्घायु पाने की आस।ऊं हरि हरि हरि हरिचल पड़े मन के … Read more