आये थे हरि भजन को भजन

आये थे हरि भजन को,घोटन लगे कपास।विषयों में इतना रम गये,भव में बिखरा सुवास।ऊं हरि हरि हरि हरिमन ने कहा, छोड़ो तनिक,जन्म-मरण की बात।जीवन तुझको जो मिला,पहले उसको भोगो तात।ऊं हरि हरि हरि हरिभूल गया यम दंड-प्रहार,नहीं रहा कोई त्रास।जीवन की डोर कहीं और है,दीर्घायु पाने की आस।ऊं हरि हरि हरि हरिचल पड़े मन के … Read more

माँ सीता का विरह गीत

बोलो जय सियाराम, जय जय सियाराम,जहाँ सीता वहाँ राम, जहाँ सीता वहाँ राम।सीता बिन शून्य राम, बोलो जय सियाराम॥बोले राम हे सौमित्र, मन का भार न सहूँ,राजधर्म का बंधन भारी, किन्तु वचन न कहूँ।जनकसुता पर लगा कलंक, जग ने उठाई बात,राम का हृदय रोता भीतर, विवश बना विधात॥जिस सीते के लिए किया रावण का संहार,जिस … Read more

शब्द ब्रह्म निनाद

शब्दों में ब्रह्म निनाद, जीवन में प्रकाश जगाए रे,शब्दों में ब्रह्म निनाद, आध्यात्मिक द्वार खोले रे।शब्द केवल ध्वनि नहीं, ये आत्मा का प्रकाश है,हर शब्द में छिपा ज्ञान, जीवन का ये साध्य हैशब्द हैं विचार के बीज, मन में उगते बोधिवृक्ष रे शब्द हैं प्रेम और करुणा, तम का विनाश करे रे । मंत्र भी … Read more

दीपक भजन

दीपक जला रे, जला रे जला रे ज्ञान की ज्योति जला रे जला रे ।कोई अछूता नहीं है इस जग में सभी संसार के भ्रमजाल में फँसे हैं, आकंठ तक डूबे स्वार्थ में हैंदीपक जला रे, तमस दूर करे रे ।भटकता मानव कस्तूरी मृग की तरह है ध्यान और भक्ति से मिले प्रभु का परचम, … Read more

सत्कर्म करो भजन

सत्कर्म करो, सत्कर्म करो, मन में शांति पाओ रे ।फल मिले या न मिले, प्रभु का नाम बस गाओ रे ॥कर्म जो पावन करते हो, संतोष स्वयं ही आए इच्छित फल चाहे न मिले, प्रभु चरणों में सुख पाए सत्कर्म करो, सत्कर्म करो, मन में शांति पाओ रे । गलत राह के पथिक कभी, सच्चा … Read more

यशोधरा की वेदना

प्रियतम ! क्या क़ुसूर था मेरा भोर में चुपके से छोड़ कर निकल चले ।मैं आपकी यशोधरा हूँ आपकी अर्द्धांगिनी हूँ, आपका संबल हूँ मैं, आपके सत्य मार्ग में बाधक नहीं, क्या दोष था आखिर मेरा चुपके से मुझे छोड़ कर निकल चले ।शपथ ली थी पवित्र अग्नि के समक्ष सात जन्मों तक साथ निभाने … Read more

ऊं जय शिव शंभु

ऊं जय शिव शंभु !!! ऊं जय शिव शंभु !!गूंज है आपके नाम की हर ओर हे भोले नाथ।उमा संग हैं राजते गिरिजापति पशुपतिनाथ ॥ऊं जय शिव शंभु !! ऊं जय जय शंभु !!भक्त आपके मस्त हैं कर रहे हैं जय जयकारा कांवड़ियों का शोर है बम बम बम का है नारा ।ऊं जय शिव … Read more

अंतरमन की दुविधा भजन रूप

देखता हूँ जब सामने, पाता हूँ अपनों को खड़ा।कैसे कहूँ तुम मेरे शत्रु हो, मन दुविधा में पड़ा।अपने ही हैं सब सुहृद, अपने ही तो सब रक्त हैं।कैसे कहूँ तुम मेरे शत्रु हो, मन दुविधा में पड़ा।सारी त्वचा मेरी जल रही, मन मेरा भ्रमित हो चला।शिथिल हो गये सब अंग, किंकर्तव्यविमूढ़ मैं खड़ा।न विजय की … Read more

हे हरि नित आपके गुण गाऊँ

हे हरि! नित आपके गुण गाऊँ,प्रभु चरणों में मन बसाऊँ।नीलमणि-सा श्याम सुहावन,पीतांबर में रूप अलौकिक।कोटि मदन सा मोहक सौंदर्य,दर्शन पा तृप्ति मैं पाऊँ॥लाल कमल समान नेत्र,मधुर मनोहर चितवन तेरी।सुन्दर कपोल, शंख ग्रीवा,बलिहारी छवि अनुपम तेरी॥शंख, चक्र, गदा, कमल धारे,मुकुट, कुंडल, तिलक उजियारे।हृदय वनमाला, श्रीवत्स अंकित,महिमा गाऊँ दिन और रातें॥चन्द्र किरण सी मधुर मुस्कान,कर में कंकन, … Read more

राम जप राम जप

राम जप! राम जप! राम जप राम रे।घोर भव नीर निधि, नाव केवल नाम रे॥रामनाम महामणि, तोड़े जगत जाल रे।कल्पवृक्ष फलदाता, करता काज सर्वकाल रे।भक्ति-मुक्ति का सार यही, अमृत समान रे।राम जप! राम जप! राम जप राम रे॥वेदों का पावन सार, रामनाम अपार रे।महामंत्र महाशक्ति, जग को दे उद्धार रे।शारदा, शेष, शिव भी, नेति नेति … Read more