केवट भक्ति

हे केवट ! तेरे भाग्य पर इतराता हूँ तेरी राम भक्ति पर शीश नवाता हूँ कितने पुण्य कर्म किये थे तूने साक्षात प्रभु राम तेरे घाट पे आते हैं ।जो भव सागर से नैया पार कराते हैं कहते हैं हे केवट ! तू मुझे गंगा पार करा दे !तू अपनी शर्तों पर उन्हें नचाता है … Read more

रामनवमी

रामनवमी मेरे प्रभु की आये,हम कैसे गुणगान न गायें, शुभ अवसर है राम जन्म का, मिल जुलकर हम प्रभु गुण गायें ।अन्तर्मन में छिपे तम को मारे,ईर्ष्या, द्वेष, सब दूर भगाये,प्रेम की गंगा सदा बहाये, आओ हम सब प्रभु गुण गायें ।राम तत्व है सबके भीतर,आओ मिलकर हम उसे जगायें,शबरी जैसा प्रेम दिखाये,जूठे बेर भी … Read more

कर ले बंदे हरि गुण गान

एक ही सत्य तो है इस जग मेंवह है केवल हरि का नाम, रे मन ! तू क्यों है उदासकर ले बंदे हरि गुणगान । मृगतृष्णा में कब तक भागे कुछ न मिलता नियति के आगे,यह जीवन है चार दिनों काकर ले बंदे हरि गुण गान । चंचल मन को स्थिर कर लेत्याग दें तू … Read more

रामचरितमानस पाठन

नमन करें महादेव को,जगद्दननी का शुभ आशीर्वाद मिले,माँ वीणा वादिनी का ध्यान करें,नित्य रामायण वाचन शुरू करें । बाल्यकाल से शुरू करें, दो चार चौपाई नित पढ़ा करें,महामंत्र है हर चौपाई, हृदय तल में इसे आत्मसात् करें ।शंकर पार्वती का मंगल विवाह, प्रभु का अयोध्या जन्म प्रसंग, सीता स्वयंवर और धनुष भंग, लक्ष्मण परशुराम संवाद … Read more

भोले बाबा की होली

भोले बाबा की होली ✍️डम डम बाबा डमरू बजाये खेलत होली काशी मेंठुमक ठुमक कर नंदी नाचे धूम मचाये काशी में ॥ शमशाने की भस्म लगाये दिगम्बर का रुप बनाये मणिकर्णिका घाट पर खेलत होली भोले बाबा काशी में।नटराज तांडव नृत्य दिखाये संगीत मय मृदंग ध्वनि सुनाये झूम झूम कर शिव गण नाचे खेलत होली … Read more

रे मन भज अब तू सीता राम

दर दर भटके, डगर डगर तू ठोकर खाये, कहीं पर भी न शांति पाये, मृगतृष्णा में तू कब तक भागे, ठहर जा ! अब कर ले तू विश्राम । रे मन प्रभु के श्री चरणों का दर्शन कर ले, कलुषित मन को तू निर्मल कर ले, मानव जीवन का कर ले कल्याण, भज ले रे … Read more

तीन पहर भजन

रे मन ! तीन पहर तो बीत गये कब आये कब निकल गये समय पंख लगाकर उड़ेबहुमूल्य क्षण फिसल गये ॥रे मन चौथा पहर जब आ गया भाई मन में यह अहसास भये घर गृहस्थी के भँवर जाल में समय व्यर्थ सब गये ॥ रे मन तर्क वितर्क में फँसे रहे अज्ञानी निर्थक जीवन सब … Read more

माँ सरस्वती

हे हंस वाहिनी ! ज्ञान दायनी ! तू तो जगत की माता माँ तेरा दर्शन मिल जाये माँ, जीवन मेरा धन्य हो जाये माँ ।तू कालिदास की है आराध्या कुंठित बुद्धि को तीक्ष्ण करे, जिव्हा पर सदा बसती है माँ मूक को वाणी दे जाती माँ ।हृदय के भावों की अभिव्यक्ति मेरे स्वप्नों में तू … Read more

शिव मेरे ईष्टदेव

हे भोलेनाथ ! तुमको प्रणाम तुम ही हो मेरे जीवन आधार तेरी भक्ति बिन जीवन सूना लगता है सब कुछ बेकार ! तुम ही हो मेरे ईष्टदेव तुम को है शत शत प्रणाम रखता हूँ केवल एक आस दर्शन पाऊँ प्रभु एक बार । देवों मे हो तुम महादेवकाल के हो महाकाल !हे दयानिधि, हे … Read more