ओस की बूँद
हरी हरी घासों पर सुबह फैली ओस की बूँदे,क्षण भर के लिये ही सहीनैसर्गिक सौंदर्य बिखेर रही।बिखरी मोती के दाने जैसे ओस की बूँदे लुभा रही, कर रही शांति प्रदान मन को प्रफुल्लित कर रही ।जीवन अस्तित्व क्षण भर का सूर्य की ताप रश्मियों तक,विलुप्त हो जायेगी वे पर परवाह न कर रही ।सूर्य एक … Read more