माटी के बोल
माटी तो बोलती अपने लाल को पुकारतीजो छोड़ गये माटी कोराह एक टक निहारती .जिस माटी में जन्म लिये पावन माटी कहलाती अहो भाग्य देह एक दिन उसी माटी में मिल जाती माटी मेरी जननी माटी सृजन करती माटी तो बोलती अपने लाल को पुकारती ।माटी से ही मेरी हस्ती माटी से ही मेरी शक्ति … Read more