भरत चले भाई राम को मनाने
आँखों में आँसू, मन में तड़प है भरत चले भाई राम को मनानेत्याग, प्रेम की ज्योत जलानेभरत चले भाई राम को मनाने॥अयोध्या शोक में डूबी नगरिया,सूनी पड़ी हर गली डगरिया।पशु-पंछी भी मौन हुए,भरत चले राम को मनाने॥दशरथ राजा स्वर्ग सिधाए,राम-लखन-सिया वन को जाए।भाई बिछोह में मन घबराए,भरत चले राम को मनाने॥कृश तन, नंगे पाँव चलें,हृदय … Read more