अंक तेरह की पुकार
तेरह हूँ मैं, प्रश्न मेराक्यों मुझसे जग डरे भला?गणना का मैं हिस्सा हूँ,फिर मुझ पर ये रोष क्यों चला?भारत ने भी मुझे बाँधा,तेरहवीं के कर्मकांड में।शुचिता पर प्रश्न उठाकर,अशुद्ध कहा अनजान में।पश्चिम ने और बदनाम किया,यीशु के अंत से जोड़ा नाम।अंधविश्वास की छाया तले,किया मुझे अपमान तमाम।क्या मैं मृत्यु का वाहक हूँ?या कोई अमंगल दाता … Read more