होली पर दोहे
फाल्गुन महिना आ गया, होली का हुड़दंग।मस्ती में सब हो गये, मन मयूरी तरंग॥ पीली सरसों खिल उठी, टेसू दहके डार।गांव गलियाँ गूंज उठी, रंगों की झंकार॥ढोलक बोले थाप पर, मंजीरा दे ताल।अबीर उड़त गगन चढ़े, रँग गया भू-भाल॥छत पर थी नव संगिनी, नयन पथ रहि निहार।कब आयेगें साजना, ले के फागुन हार ॥होली पे … Read more