पुरानी यादें है यादो का क्या भाग दो
कोहडा, तरोई, लौकी टूटे फूटे छप्पर, मुँडेर, खपरैल के छत की शान बढ़ाते थे और बरसात के महीनों में सब्ज़ियों का पूरा जुगाड़ कर जाते थे ।देशी टमाटर, आलू, मूली, बैंगन, भिंडी आदि जाड़े के मौसम में लहसुन, मिर्ची और हरी धनिया के साथ चटकारा लगाते थे ।ये शुद्ध मौसमी सब्ज़ियाँ सर्वसुलभ बहुतायत घर घर … Read more