पुरानी यादें है यादो का क्या भाग दो

कोहडा, तरोई, लौकी टूटे फूटे छप्पर, मुँडेर, खपरैल के छत की शान बढ़ाते थे और बरसात के महीनों में सब्ज़ियों का पूरा जुगाड़ कर जाते थे ।देशी टमाटर, आलू, मूली, बैंगन, भिंडी आदि जाड़े के मौसम में लहसुन, मिर्ची और हरी धनिया के साथ चटकारा लगाते थे ।ये शुद्ध मौसमी सब्ज़ियाँ सर्वसुलभ बहुतायत घर घर … Read more

पुरानी यादें है यादो का क्या भाग एक

पुरानी यादें है यादो का क्या … स्कूल की बात हम करते हैं अपने अनुभव साझा करते है कपड़ों का बस्ता सिलता थानववर्ष में नया बस्ता सजता था किताबें तरतीब से हम लगाते थे रद्दी पेपर या ख़ाकी पेपर की जिल्द हम चढ़ाते थे भरपूर महारथ हासिल थी ऐसे कामों के जो हम बाज़ीगर थे … Read more