ई सावन मह बुलाइ ला भइया

ई सावन मह बुलाइ ला भइया

जब से ब्याह भयउ पारे मा

छूट गइल मोरा बाबुल घर भइया

अबकी बरस मंगाइ ला हमका

ई सावन मह बुलाइ ला भइया

अंबुवा तरे झुलवा डलवाइ कै

सखियन संग मोहि झुलाय द भइया

रिमझिम पड़इ सावन की फुहरिया

बचपन कइ याद दिलाय द भइया

बाबुल के आँखों की पुतरी

बचपन संग संग तोहरे मैं खेली

अम्मा की गोदियाँ में पली बढ़ी

नैहर मोरा दिखाय द भइया

न कौनउ फ़ोन न पाती

याद तुहार बहुत आती

काहे निष्ठुर हो गइल मोरा भइया

चेहरा इक बार दिखाय द भइया

तू ही मोरा बाप तू ही मोरा मैया

तू ही मोरे जीवन का है खेवैया

ऐसन निष्ठुर न होय जा मोरा भइया

यह जीवन पार लगाय द भइया ..

न माँगूँ कुछ धन अरु दौलत

न क़रिबै कुछ शिकायत तोहिसे

बस तोर प्यार मिल जावे मोहिका

मोरा जीवन धन्य बनाय द भइया

बड़े पुण्य से संबंध बनत है

भाई बहन कय रिश्ता होवत है

रिश्ता मह खोट न लगाव मोरा भइया

ई सावन मह बुलाइ ला भइया

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