साथियां

लंबी डगर तय कर ली है हमने तेरा साथ पाकर तेरा प्यार पाकर ..बिताये हैं हर पल मिल कर हमने खट्टे मीठे जो भी रहे हैं पाले जो सपने मिलकर थे हमने प्रभु की कृपा से पूरे हो रहे है .देखें उतार चढ़ाव भी हमने चिंता नही की, आपका साथ पाकर लंबी डगर तय कर … Read more

विरह गीत

लिखना आये या न आये मैं भी अब एक गीत लिखूँगा प्रेम गीत लिखना ना जानूँ मैं एक विरह गीत लिखूँगा ॥वैरागी ठहरे भोले बाबा पर सती के संग वे बदल गये औघड दानी मेरे शिव शंकर जी सती के हम सफ़र हुये सती भस्म की दिव्य कथा शिव जी का वैराग्य लिखूँगा हृदय धधकती … Read more

कुछ अपनी कह कुछ मेरी सुन

कुछ अपनी कह, कुछ मेरी सुनजरा मेरी सुन, मन की बातचार दिनों का जग मेला हैमन की बात जरा मेरी सुन▪️पहले भी हम झगड़ते थेमान मनौव्वल करते थेमन में नहीं पाला अनमनहंस कर गले मिलते थे▪️ज़िद पर हैं हम अड़े हुएपरिपक्व अभी हम नहीं हुएतर्क की है कमी नहींवितर्क में हम फँसे हुए▪️क्यों रखे मन … Read more

श्रृंगार गीत लिखना नहीं आता

लिखना चाहता हूँ श्रृंगार गीत पर शब्द चयन नहीं आता प्रेम परिभाषित करूं कैसे जब प्रेम जताना ही नहीं आता क्या करूँ कहाँ से ढूँढ कर लाऊँ भावपूर्ण मधुर शब्दों को पास बैठी सुन्दर गोरी से बतियाना भी तो मुझे नहीं आता ।सोच मेरी छिछली है समन्दर से मोती मैं चुन नहीं पाता जमीं पर … Read more

सदा तुम नज़र आये

हर राह पर हर मोड़ पर जीवन के हर छोर पर प्रिय मैंने खड़ा पाया तुम्हें तुम ही मुझे नज़र आये । फूलों सी मुस्कान लिये हृदय में रच बस गये आपपुलकित पुष्पों के पथ पर तुम ही मुझे नजर आये ।पाया तुम सा हम सफ़रहो गयी सरल जीवन डगर उड़ रही हूँ मानो पंख … Read more

प्रेम का प्याला

प्रेम का प्याला पी लिया जिसने मानो अमृत रस का पान कियानहीं रहती सुध बुध तन की प्रेमी से जब नाता जोड़ लिया पीती रही ग़मों का प्याला प्रेम का प्याला मीरा गटक गयी कृष्ण प्रेम का रंग चढ़ा जब राणा प्रेषित विष पान किया ..मन्दिर मन्दिर मीरा घूमे नृत्य करे साधु संग वह पति … Read more

प्रेम की बोली मुक्तक

मीठी बोली बहुत ही प्यारी काम बहुत यह करती है क्रोध की बोली बहुत ही तीखी मिर्ची जैसी लगती है बात बात में झल्लाना होता विवेक शून्यता का लक्षण मृदुल बोली ही ऐसी होती बिगड़ी बात भी बनती है । अपनी बात को मनवाना पागलपन जैसी हरकत होती है प्रेम ऐसा हथियार है जो दुश्मन … Read more

दो अंजाने

दो अंजाने एक दिन मिलतेप्रणय सूत्र में बंधते हैं ,आपस में अजनबी हैं दोनों दाम्पत्य पथ पर चलते हैं ।एक राह के पथिक हैं दोनो साथ साथ वे चलते हैं, एक दूजे के मन की भाषा बिना कहे ही समझते हैं ।संग संग रहकर बातें करके राह सुखद हो जाती है, इक दूज के बिना … Read more

बैठ जरा पास

बैठ जरा पास तुझे ही मैं देखता रहूँ बोले न बोले बस तुझे निहारता रहूँ..करूं मैं इज़हार चुपचाप तू सुनती रहे खूब खिलखिलाती रहे चहकती रहे रूप तेरा न्यारा नयनों को मेरे प्यारा लगेदिल तेरे प्यार में बेक़रार कहीं चैन न मिलेबैठ जरा पास तुझे ही मैं देखता रहूँ बोले न बोले बस तुझे निहारता … Read more

प्रेम नापने की वस्तु कहाँ

प्रेम नापने की वस्तु नहीं, होता इक सुखद अहसास हैं शंका का बीज न बोओ कभी, प्रेम चाहता विश्वास है होती ग़लतियाँ है सभी से, कोई भी दूध का धुला नही सही ग़लत उसे समझाओ, सुधरने की मिले आस है ॥ पत्नी हो जाये यदि रूठी, उसकी पसंद का ध्यान करेंप्रिय वस्तु यदि भेंट में … Read more