नवागंतुकों का न तिरस्कार करो

🌿 आड़ा-तिरछा लिखने दो 🌿आड़ा तिरछा लिखने दो,जो लिख रहे हैं उन्हें लिखने दो।प्रयास की ज्योति जलने दो,मन की कलम को चलने दो।।जो मौन रहे, जो चुप बैठे,उनसे ये तो बेहतर हैं।कच्चे शब्दों में भी दे जाते,संदेश नये ये सुंदर हैं।।कभी डाले काटेंगे अपनी,कभी गिरेंगे गिरते फिर उठेंगे।सतत साधना से ही तो,लेखन के दीपक चमकेंगे।।सूर-कबीर … Read more

अंक तेरह की पुकार

तेरह हूँ मैं, प्रश्न मेराक्यों मुझसे जग डरे भला?गणना का मैं हिस्सा हूँ,फिर मुझ पर ये रोष क्यों चला?भारत ने भी मुझे बाँधा,तेरहवीं के कर्मकांड में।शुचिता पर प्रश्न उठाकर,अशुद्ध कहा अनजान में।पश्चिम ने और बदनाम किया,यीशु के अंत से जोड़ा नाम।अंधविश्वास की छाया तले,किया मुझे अपमान तमाम।क्या मैं मृत्यु का वाहक हूँ?या कोई अमंगल दाता … Read more

हाथ की लकीरें

ऐ मानव! ग़ुरूर न करना,जन्म से पहले लिख दी पहचान।तुझसे पहले ही तय हो चुका,तेरे जीवन का कुछ विधान।तू इन रेखाओं का बंधन है,इनके बिना न कोई अस्तित्व।पढ़ सके तो पढ़ ले भाषा ये,तीनों काल का गुप्त संकेत।तेरी जन्मकुंडली यही है,मिटती नहीं ये रहस्यमयी छाप।गहराई तक अंकित पहेली,जिसका न कोई पा सका माप।आत्मा का दर्पण … Read more

हे हरि नित आपके गुण गाऊँ

हे हरि! नित आपके गुण गाऊँ,प्रभु चरणों में मन बसाऊँ।नीलमणि-सा श्याम सुहावन,पीतांबर में रूप अलौकिक।कोटि मदन सा मोहक सौंदर्य,दर्शन पा तृप्ति मैं पाऊँ॥लाल कमल समान नेत्र,मधुर मनोहर चितवन तेरी।सुन्दर कपोल, शंख ग्रीवा,बलिहारी छवि अनुपम तेरी॥शंख, चक्र, गदा, कमल धारे,मुकुट, कुंडल, तिलक उजियारे।हृदय वनमाला, श्रीवत्स अंकित,महिमा गाऊँ दिन और रातें॥चन्द्र किरण सी मधुर मुस्कान,कर में कंकन, … Read more

राम जप राम जप

राम जप! राम जप! राम जप राम रे।घोर भव नीर निधि, नाव केवल नाम रे॥रामनाम महामणि, तोड़े जगत जाल रे।कल्पवृक्ष फलदाता, करता काज सर्वकाल रे।भक्ति-मुक्ति का सार यही, अमृत समान रे।राम जप! राम जप! राम जप राम रे॥वेदों का पावन सार, रामनाम अपार रे।महामंत्र महाशक्ति, जग को दे उद्धार रे।शारदा, शेष, शिव भी, नेति नेति … Read more

राम नाम रस पी ले रे मन

राम नाम रस पी ले रे मन,तेरे सब दुख मिट जाये राम बिना शांति कहाँ पाये,राम बिना शांति कहाँ पाये माया के मेले में भटका मन,पथ का पता तू पा न सके सुख की चाह में दौड़ा फिर भी,दुख का काँटा मन को चुभे एक घड़ी को बैठ ज़रा मन,झाँक ज़रा तू भीतर अपने सुख … Read more

कल तक खुश थे

🌿 कल तक खुश थे 🌿कल तक खुश थे,आज कहानी बन गये।वाह रे जिन्दगी!तुझे क्या कहें?कहीं फ्लाइट गिरी, कहीं हेलीकॉप्टर,कहीं गिरे बम के गोले।मानवता चीत्कार कर रही,मृत्यु बुला रही धीरे-धीरे।डीएनए टेस्ट करा दो,श्रद्धांजलि दे दो।दो-चार आंसू बहा लो,संवेदनाएँ व्यक्त कर लो।इंतजार कर रहे घर में बच्चे,इंतजार कर रहे बूढ़े माँ-बाप।वो नौनिहाल, जो नहीं जानते,मृत्यु कैसी … Read more

केवट भक्ति

हे केवट ! तेरे भाग्य पर इतराता हूँ तेरी राम भक्ति पर शीश नवाता हूँ ।कितने पुण्य कर्म किये थे तूने साक्षात प्रभु राम तेरे घाट पे आते हैं, जो भव सागर से नैया पार कराते हैं कहते हैं हे केवट ! तू मुझे गंगा पार करा दे !तू अपनी शर्तों पर उन्हें नचाता है … Read more

चलो चलें हम गांव की ओर

इस शहर की आपाधापी से चल निकल चलें हम गांव की ओर । पड़ोसी भी नहीं पूछता भाई तुम कैसे हो, मशीनरी जीवन हम जीते हैं देर रात थक कर घर आते हो ।सुकून की दो रोटी दुर्लभ बच्चे भी मिलने के पहले सो जाते हैं चलो चलें हम गांव की ओर जहाँ बचपन में … Read more

धरती की पुकार

धरती की पुकारधरती हूँधारण करती हूँ, पालती हूँ, पोसती हूँ,इसीलिए तो मैं धरती माँ कहलाती हूँ।पर अब थक गई हूँअपनों के ही पाप ढोते-ढोते।छोड़ गए राजा परीक्षित भी मुझे असहाय,कलि के प्रकोपों को सहने के लिए।गौ रूप में भी सुरक्षित नहीं,सरेआम कटती हूँ,किससे कहूँ अपनी वेदनागौ चारे और जल के बिना मरती हूँ।अतिक्रमण, दोहन, प्रदूषण,छलनी … Read more