हिन्दी का ह्रास
ह्रास हो रहा हिन्दी भाषा का अंग्रेज़ी को शान समझते हैं पेट से एबीसीडी सिखलाते माडर्न स्वयं को समझते है ।बच्चा बोलता मम्मी डैडी माता पिता अब पीछे हैं दादा जी ग्रांड पा बन गये दादी को ग्रांड मा कहते हैं ।नहीं जानते वे काका काकी रिश्तों की मिट गयी पहचान जो सिखलाते केवल अंग्रेज़ीबच्चों … Read more