दिया जलाये
मित्रों एक ऐसा दिया जलायें हृदय स्थल तक प्रकाश करे मन का कलुषित भेद मिटा दे जड़ से इसका विनाश करें ।क्या तेरा है और क्या मेरा है यह सब मन का ही फेरा हैजब तक है प्राण इस तन में साथ बैठकर हम श्वास भरे ।एक दिया इतना सुन्दर हो जैसे होता देवों का … Read more