जब सन्नाटा बोल उठा गीत
गीत : जब सन्नाटा बोल उठाकहाँ गए वे मिलने वाले डोरबेल अब नहीं बजती,घर में कोई न आता, न पुरानी महफ़िल सजती॥. सन्नाटा बोल उठा दिखते घर में एक-दो जन हैं,उनमें भी अब सन्नाटा।सुबह ढले, फिर शाम उतरे,पर मौन नहीं है घटता।जीवन बन गया बोझिल-सा,नीरस पथ यूँ ही कटता।दीवारें भी मौन खड़ी हैं,कोई बात नहीं … Read more