इंसान की फ़ितरत

इंसान बोला कोयल से तेरी बोली बहुत मनोहररंग रूप से काली न होती तो कितना अच्छा होता । सागर से वह जाकर बोलातेरा हृदय है बहुत विशालकाश तेरा जल खारा न होता तो तू कितना अच्छा होता ।इंसान ने फ़ितरत बदली पहुँच गया गुलाब के पासदोस्त तुझमें काँटे न होते तो कितना अच्छा होता ।तीनों … Read more

कडुवा सच

जो अपने हैं अपनों से मिलने से कतराते हैं, पर ग़ैरों में जो अपने हैं,ग़ैरों से मिलने आते हैं ।अपने तो अपने होते हैं, पर देर से समझ में आते हैं, चिड़िया चुग जाये खेती को, तो सिर धुनकर पछताते हैं । सूर्य अस्त हो जाता है,अगली सुबह ही लौटकर आता है,पर मन विदीर्ण हो … Read more

नशा

नशानशा कैसे भी लग जाये नशा तो नशा होता है नशा पीने से ही नहीं होता है नशा एक जुनून होता है ।नशा मन से जुड़ा होता है हर सोच से जुड़ा होता है ऩशा तो ज़िन्दगी का एक मीठा फ़लसफ़ा होता है ख़ुशियों में झूमने का नशा होता है गम में पीने का नशा … Read more