इंसान की फ़ितरत
इंसान बोला कोयल से तेरी बोली बहुत मनोहररंग रूप से काली न होती तो कितना अच्छा होता । सागर से वह जाकर बोलातेरा हृदय है बहुत विशालकाश तेरा जल खारा न होता तो तू कितना अच्छा होता ।इंसान ने फ़ितरत बदली पहुँच गया गुलाब के पासदोस्त तुझमें काँटे न होते तो कितना अच्छा होता ।तीनों … Read more