साँझ की सरगम

साँझ की सरगम ✍️

साँझ उतर आई है रंगों की चुनरी ओढ़े,

पवन की सरगम में सपनों के गीत जोड़े ।

मन की वीणा झंकार करे,

प्रेम का दीप उजियारा छोड़े।

चाँद की चुप्पी में बातें करें,

तारों के संग मन रास करें।

फूलों की महक में छुपा संदेश,

हर धड़कन कहेप्रेम विशेष।

साँझ उतर आई है रंगों की चुनरी ओढ़े,

पवन की सरगम में सपनों के गीत जोड़े।

नीर झरने की मधुर तान में,

मन खो जाए प्रभु के ध्यान में।

हर कण में उसकी झलक दिखे,

हर श्वास में उसका नाम जगे।

प्रीत की अगन में जीवन सजे,

भक्ति की गहराई से दिल बहे।

सपनों का आकाश खुले नए,

मन कहेआज बस प्रेम कहे।

साँझ उतर आई है रंगों की चुनरी ओढ़े,

पवन की सरगम में सपनों के गीत जोड़े।

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