वट वृक्ष की डाली
टूट जाती जैसे इंसान की बाँहें,टूट गयी वट वृक्ष से डाली, क्या करती कुछ समझ न पायी, अलग हुई वट से वह सुन्दर डाली । हरे भरे पत्तों की घनी वह डाली हर इंसान को छाया देती थी,पर इंसान की छुद्र पिपासा ने, काट दिया वृक्ष की वह डाली ।हाथ पाँव यदि कट जाये इंसान … Read more