गीत अदृश्य शक्ति

जो संग रहे और साथ चले ना दिखे, ना जाने कोई,फिर भी मन में दे वो सूरत, कौन भला वो होई ॥ जब जीवन की राह में छाए, अँधियारे दुख के बादल,जब थक जाए मन, टूटे साहस, ना दिखे कोई संबल,तब अंतर से कोई पुकारे “मत रुक, तू चल सोई”,फिर भी मन में दे वो … Read more

बाल रूप वंदना जय श्री राम

कैसे कहूँ वर्णन करूँ बाल रूप श्री रामश्याम शरीर मन मोहनी, छवि पावन अभिराम ।लाल कमल सम चरण तुम्हारे, नख ज्योति उजियार।मोती जैसे बिखरि पड़े हों, चरणतल सुंदर सार॥नील कमल सम अंग सुहाना, जलधर जैसा श्याम।कोटि मनोहर कामदेव भी, तजत ह्रदय अभिराम॥वज्र, ध्वजा, अंकुश के चिह्नन, शोभित चरण तुम्हारे नूपुर की मधुर ध्वनि सुनि के, … Read more

मां शारदे वंदना

हे माँ शारदे !! वाणी दो ऐसी,हर शब्द बने मधुर सरगम।मन की वीणा झंकार उठे, हर सुर में गूँजे तेरा नाम॥ना मैं कवि, न कोई ज्ञानी,बस शब्दों का इक सेवक हूँजो कुछ लिखूँ, वही तेरा वर,तेरे चरणों का अर्पण हूँ॥कलम न झुके अहंकार तले,हर अक्षर गाए तेरा धाम।भाव रहें निर्मल, शुद्ध सदा,भरे हृदय में तेरा … Read more

भजन राधे राधे बोल मनुवा

राधे राधे बोल मनवा राधे राधे बोल॥श्याम-स्मरण में जीवन बीते, ऐसा हो अनमोल॥एक दिन सबको जाना है, उस राह अनजान,न टिकट लगे, न खर्च वहाँ, न लौटे कोई प्राण॥कन्फर्म सीट मिली सभी को, उड़ान वही सुहानी,कर्म बने हैं साथ हमारे, सच्चे साथी ज्ञानी॥राधे राधे बोल मनवा राधे राधे बोल॥श्याम-स्मरण में जीवन बीते, ऐसा हो अनमोल॥इंसानियत … Read more

वीर अभिमन्यु

अभिमन्यु ! वीर अभिमन्यु !चक्रव्यूह वेधक अभिमन्यु ! अद्भुत कौशल, अद्भुत शक्ति,नमन करूँ तुझे हे अभिमन्यु!बढ़ चला रण में वह युवा वीर,ध्वजा थाम अम्बर हुआ अधीरतोड़ दिये सप्त चक्रव्यूह के द्वार,निशब्द खड़े सब रण-वीर अपार।गर्भ में सीखा धनुर्विद्या सार,माँ के सोने से छूटा पार, काश न आई होती निद्रावीर का पूर्ण होता चित्रा।सोलह बसंतों का … Read more

भजन गीत घने बादल छाये हैं

भजन-गीत : घने बादल छाए हैं घने बादल छाए हैं,हरियाली मुस्काए है,हर बूँद में तेरा ही दर्शन हे प्रभु! तू ही तो आए है।।घने बादल छाए हैं टप-टप करती बूंदें तेरी,जैसे वीणा झनकाए।हर झोंका तेरे स्वर में बोले,मन भक्ति रस में समाए।।हे प्रभु! तू ही तो आए है सूखे पत्ते झर-झर गिरते,सिखा रहे जीवन का … Read more

भजन विधि का विधान

भजन : विधि का विधानविधि विधान है सबसे ऊँचा,ईश्वर भी बँधा विधान में।विधाता की है लीला निराली,खेल रचाता विधान में॥हरि ओम् तत्सत् हरि ओम् तत्सत्॥महामृत्युंजय जिनका अंकर, महाकाल कहलाते शंकर।फिर भी सती को रोक न पाए,दग्ध हुईं यज्ञाग्नि के भीतर॥हरि ओम् तत्सत् हरि ओम् तत्सत्॥श्रीराम चले वनगमन को, भरत हुए व्यथित बेहाल।वशिष्ठ मुनि बोले धीरे … Read more

भजन हे राधे कृष्ण मुरारी

भजन : “हे राधे कृष्ण मुरारी✍️“हे राधे हे राधे राधे कृष्ण मुरारी॥”“जय नंदलाला गिरिधारी॥”हे राधे कृष्ण मुरारी,हे नंदलाला गिरिधारी॥हे मुरलीधर! हे वृंदावन बिहारी!आपकी जय हो, जय हो, जय हो॥क्या माँगूँ प्रभु आपसे,न धन न दौलत चाहूँ॥तेरी भक्ति में सुख पाऊँ,कृपा दृष्टि तुझसे चाहूँ॥बन जाऊँ मैं ग्वाल बाल,संग तेरे यमुना तट खेलूँ॥लीला तेरी मन हर लेती,तेरे … Read more

द्रौपदी की पुकार

शरण तुम्हारी ले लूँ नंद लाला, दिखता न कोई उपाय।नाम तेरा जब मुख पे आए, सकल संकट मिट जाए॥हे नाथ नारायण वासुदेवा (२ )सभा भरी थी मौन पड़ी थी, नयनों में जलधार,पाँचों पांडव मौन हुए थे, टूटी द्रौपदी की हर इक आस।भूले सब निज धर्म को, रुकी पड़ी थी साँस,तब अधरों से पुकार उठी “हे … Read more

हरि भजन

हरि नाम सुमिरो मन रे .. मन रे.. मन रे .. मन रे ऊँ हरि हरि हरि हरितू क्यों आया इस जग मेंबिसरा क्यों दिया मन रे छोड़ सत्कर्म पाप चढ़ाया क्यूँ तू नहीं डरता मन रे ।ऊँ हरि हरि हरि हरिपगला तू गया मृगतृष्णा में,भव-बन्धन में क्यों फँसा मन रेक्षण भर का खेला है … Read more