जीवन में नम्रता रखो भजन

जीवन में नम्रता रखो, विनय से दीप जलाओ,अहंकार छोड़ दो मन का, राधे नाम बसाओ॥ धन-सम्पत्ति पल में घटती, रोग रूप को खा जाए,मान-सम्मान चुक जाता है, भूल ज़रा भर हो जाए।इस नश्वर दुनिया में कुछ भी, टिकता हैं नहीं यहाँ रहती सिर्फ दया-करुणा, बाकी परछाई हो जाए ॥ चेहरे की हर रेखा में ही, … Read more

भजन जीवन में नम्रता रखो

जीवन में नम्रता रखो, विनय से दीप जलाओ,अहंकार छोड़ दो मन का, राधे नाम बसाओ॥ ×2धन-सम्पत्ति पल में घटती, रोग रूप को खा जाए,मान-सम्मान चुक जाता है, भूल ज़रा भर हो जाए।इस नश्वर दुनिया में कुछ भी, टिकता नहीं है भाई,रहती सिर्फ दया-करुणा, बाकी है सब परछाई॥चेहरे की हर रेखा में ही, अनुभव छिपा सुहाना,नादानी … Read more

भजन राम आयेंगे

भजन : “राम आयेंगे राम आयेंगे राम आयेंगे आयेंगे राम आयेंगे,धरती पर जब-जब अधर्म बढ़ेगा, राम आयेंगे।।जब-जब संकट छाया जग पर, प्रभु ने रूप सँवारा है,हर युग में रघुवर ने आकर, धर्म का दीप उजारा है।सत्य यही हैसृष्टि बदले पर, राम सदा ही आयेंगेराम आयेंगे आयेंगे राम आयेंगे।।परमधाम का क्षण जब आया, राम ने सहज … Read more

राम सिया विवाह भजन

जनकपुर में आज सजा है, मंगल सुंदर धाम।राम-सिया के दिव्य मिलन का, गूँजे जय श्रीराम॥बोलो राम बोलो राम बोलो राम सियाराम..मिथिला की धरती पर छाया, स्वर्ग-सा अनुपम वैभवरंग-बिरंगे पुष्प बरसते, गंध भरी मधुर-सुगंध-रव, हर गली में दीप जले थे, हर आँगन में थी मुस्कानदेख जनकपुरी बोल उठी बोलो जय जय श्री राम । राजा–महाराजा सब … Read more

भीष्म की पीड़ा

भीष्म तीर शैय्या पर थे सोये नियति से लाचार शब्द न निकले होंठ से, अन्तर्मन से हुई पुकार हे कृष्ण!! बताओ आप ही, समझो मेरी पीड़ा,क्यों ऐसा जीवन दिया जीवन भर रहा लाचार ।युद्ध लड़ता था अपने आप से, दोनों थे मेरे रक्त,कैसे मारता मैं किसी को, कितना था मैं संतप्तआप तो साक्षात जगदी़श्वर हैं … Read more

गीत जब मैं नहीं रहता सूफी भक्ति शैली

जब मैं नहीं रहता, तू दिखता रे,जब मन मौन हो, तू झलकता रे।ना रूप तेरा, ना कोई साया, फिर भी हर सांस में तू धड़के रे॥ढूँढा तुझको जग के कोनों मेंमंदिर, मस्जिद, गिरजाघर में, पर पाया जब भीतर झाँका,तू ही था मेरी धड़कनों में।कण-कण में तेरी आभा छाई,हर कण बोले “तू ही तू” कहके रे॥जब … Read more

माँ सरस्वती वंदना

मेरी भक्ति लेखनी बन जाए,नित आपका गुणगान करे।शब्द बने सब गीत सुहाने,आपका ही बखान करे॥मेरी भक्ति लेखनी बन जाए॥वीणा की झंकार में माँ,ज्ञान सुधा तू बरसाए।मूक वाणी को दे स्वर माँ,हर मन मंदिर सजाए॥मेरी भक्ति लेखनी बन जाए॥अज्ञान का तम दूर हो माँ,तेरी कृपा हमें मिल जाए।प्रेम-भक्ति से भर दे हृदय,हर जन प्रभु को पाए॥मेरी … Read more

छठ पूजा

उषा की अरुणिमा छा गई, घाटों पर भक्ति का रंग,सूर्य को अर्घ्य दे रहीं, माताएँ मन में उमंग।संयम, श्रद्धा, सेवा से, होता यह पर्व महान,छठी मइया का वरद हाथ, सब पर रखे पहचान।जल में खड़ी अधरों पे भजन, नेत्रों में आस्था की रेख,काँच की चूड़ियाँ झनक उठीं, जब गाया सूर्य का लेख।प्रकृति भी झूमी साथ … Read more

जब भक्ति लेखनी बन जाये

जब भक्ति लेखनी बन जाए प्रभु का नाम ही ध्यान में आए, शब्द बने सब गीत सुहाने मन-मंदिर में दीप जलाए॥ना यश की, ना धन वैभव की चाह बस चरणों में मिले ठिकाने, तेरे नाम का अमृत पीता रहूँ तेरी भक्ति में दिन बिताने॥हर अक्षर में तेरा निवास प्रभु, हर पंक्ति तेरी महिमा गाए।भाव-भाव में … Read more

जीव और ईश्वर

ईश्वर परम चेतना सागर, अनंत प्रकाश अपार,जिससे सृष्टि सजीव हुई, जग में फैला प्यार।जीव उसी का अंश है, चेतन उसका रूप,पर सीमित उसकी दृष्टि है, जीवन का बस रूप।ईश्वर सबमें व्याप्त हैं, साक्षी सब घटनाक्रम के,जीव बँधा शरीर में, बंधन उसके कर्म के।दो प्रकृतियाँ वर्णित हुईं, एक अचेतन स्थूल,दूसरी चेतन जीव है, यह गीता का … Read more