रंगमंच

रंगमंच है यह दुनिया, इसके रंग हज़ार

जैसी भी है ज़िन्दगी, जी लो ख़ुशी से यार

अपनी अपनी है भूमिका, अपना है किरदार

कहीं कमी न रह जाये, खुल कर खेलो यार

नेपथ्य में जब हम जाये, लोग याद करें हमको

एक सितारा रहा चमकता, छिप गया वह यार ।

चलते फिरते गले लगायें ,प्रेम से मिले जो पथ में

भाई चारा बना रहे, प्रेम का हो व्यवहार

ईर्ष्या द्वेष न मन में पालें, मन के ये होते विकार

कलुषित करते ये मन को, दूर भगाये यार ।

छोड़ो कल की बातें, गुजरी बिसरी सब यादें

पल जो बीत गये सो बीत गये, आते वापस नहीं यार

जीवन में हैं रंग अनेकों, प्रति पल रंगों का अंबार

इन्हीं रंगों में घुल जाओ प्यारे, यही जीने का सार।

तन पर बोझा मन पर बोझा, कितना ढोयें भार

कुछ पल तो हंस के जी ले, बोझा उतार दे यार

हँसी ख़ुशी जीवन कट जाये, तन परमार्थ के काम आये

जैसी भी है ये ज़िन्दगी, जी लो ख़ुशी से यार ।

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