रामायण केवल एक ग्रंथ नही
मानव जीवन जीने का दर्शन है,
एक से बढ़कर एक पात्र यहाँ
स्नेह, त्याग और समर्पण है ।
तुलसीदास की अनुपम कृति
शिव पार्वती का संवाद है ये,
मुखरित साक्षात शिव जी से
सत्यम शिवम् सुन्दरम् है ।
हर इक चौपाई है बीज मंत्र
शब्द शब्द सागर से गहरे हैं,
अनंत गहराई समाहित है इसमें
रत्न मणियों जैसी धरोहर है ।
आत्मसात् करें इसे जीवन में
दो चार चौपाई प्रतिदिन पढ़ें,
जीने की दिशा बदल जायेगी
अमृत सा इसमें जो रस है ।