कैसे उठइली अपुना घुंघुटवा

हम न उठइली अपुना घुंघुटवा

आजु तो मोरी सेज सजी है

लागत पर यह कांटन से भरी है,

कइसन दिखयली बदरंग चेहरवा

माफ़ी दइ देवउ हमरा बलमवां.

बहुतय अरमान तोहरे दिल मंह है

कवन पति नहीं चाहत सुन्दर मेहरिया

जन्मत हम कुरूप भइन है

भार भइन बाबुल घर अंगवा .

चेहरे पर चेहरा लइकै जन्म भवा है

जन्मत हम कुलच्छिन होइगिन

प्राण बचाइन प्राण से प्यारी मोरी मैया

नाही तो मार देत हमका हमरा बपवा .

जैसन जैसन उमरिया बढ़ी बा

अंग अंग सब विकसित होँइगे

नामुराद इ चेहरा विद्रूप होइगा

देखत हमइ लोग डेराय जात है बलमवां

काहे किहेउ तुम हमसन बियहवा

का अँखियाँ घर भर का फूट होइगिल,

हमार ज़िन्दगी तउ हमहिन पर भारी

तोर कवन सेवा कइ पउबय बलमवां

कछुक दिनन कइ जीवन हय हमरा

कइसन निभउबय पत्नी कइ धरमा़,

माफ़ कर दियेव मोर बलमवां

नहीं उठाइ सकित है यह घुंघुंटवा

बोला पति सुन ले मोरी ब्याही

का याद नहीं पंडित कइ वचना,

सात फेरे कइ वचन निभउबय

जन्म जन्म तक उठइली घुघुटवा

तोर आत्मा हमरी आत्मा से मिलगइ

सुख दुख साथ साथ हम कटबय

तू तो होइ गई जन्म जन्म कइ साथी

उठाइ ला प्यार से अपुना घुंघुंटवा..

मानव तन तो क्षण भंगुर होवत है

कउन पता पहिले कउन जावत है,

अमर प्रेम कइ हम लिखब कहानी

हमही उठाय देत हन तोहरा घुघुंटवा.

बोली पत्नी भाग्यवान आज हम होय गिन

पति रूप में आप मिल गयउ भगवनवा,

यह जीवन अब तोहरा होइगा

प्यार से तुही उठाइ ले हमरा घुघुंटवा.

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