भजो रे मन भजन

भजो रे मन एक ही है आधार !

जीवन डोर बँधी प्रभु तुमसे

तुम ही हो करतार,

भजो रे मन एक ही है आधार !

साँस साँस पर अधिकार है तेरा

तू ही हैं खेवनहार,

भजो रे मन एक ही है आधार !

मृगतृष्णा में भाग रहा मन

सब हैं ये बेकार,

भजो रे मन एक ही है आधार !

ये जीवन है भूलभुलैया

न जाने कब टूटे तार,

भजो रे मन एक ही है आधार !

शरण प्रभु की अब तो ले ले

जीवन का कर उद्धार,

भजो रे मन एक ही है आधार !

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