रे मन तू चिंता मत कर
रे मन ! तू चिंता मत कर !!चिंता होती चिता समान तन मन को करती जर्जर बड़े भाग्य से मानव तन मिलता इसे व्यर्थ तू न कर यह जीवन अनमोल बहुत है प्रभु की अद्भुत देन है आंक तू जीवन के मूल्य को हर पल ख़ुशियों में भर ।चिंता मन में जब सताये बैठ जा … Read more