ऐ ज़िंदगी

ऐ मेरी ज़िंदगी !! क्या लिखूँ तुझ पर तू तो एक किताब हैपढ़ सका है न कोई तेरा न कोई हिसाब है ।कभी रुलाती कभी हंसाती क्या क्या तू नही करती है चलती फिरती ज़िन्दगी को दांव पर लगा तू देती है एक डगर पर कभी न चलतीडगर बदलती रहती है आड़े तिरछे पग तेरे … Read more

माटी के बोल

माटी तो बोलती अपने लाल को पुकारतीजो छोड़ गये माटी कोराह एक टक निहारती .जिस माटी में जन्म लिये पावन माटी कहलाती अहो भाग्य देह एक दिन उसी माटी में मिल जाती माटी मेरी जननी माटी सृजन करती माटी तो बोलती अपने लाल को पुकारती ।माटी से ही मेरी हस्ती माटी से ही मेरी शक्ति … Read more

मौन की शक्ति

मौन आत्म चिंतन है मौन आत्म ज्ञान है वाणी में यदि मौन हैमौन वह सशक्त है । मौन व्यक्तित्व है मौन स्वयं में समर्थ हैमौन के भार से तो शब्द भी स्तब्ध है ।मौन में विश्राम हैविश्राम ही एकांत हैएकांत में ही ध्यान हैध्यान में भी मौन है ।मौन में विरक्ति है बुद्धत्व की शक्ति … Read more

दर्पण

ऐ दर्पण तू ऐसा दिखलाये जो तुझ जैसा दिख जाये झांकती रहूँ उसके भीतर मैं नयन मेरे क्यों न थक जाये । एक ललक ऐसे दर्पण की जो मेरे हृदय को छू जाये दे दे दिल के द्वार पर दस्तक मन के दर्पण में वो छा जाये । कैसा होता मन का दर्पण पता नहीं … Read more

मुस्कान एक सौन्दर्य

आपकी एक मुस्कराहट ने मेरे होश उड़ा दिये, होश में आ ही रहा था कि आप फिर मुस्करा दिये ।तेरा हँसता हुआ चेहरा चेहरे पर नूर दिखता है, मुरझाया न करो कभी ख़ुशबू बिखेरती रहना । हंसता हुआ पल बहुत ही हसीन होता है, मिल जाती हैं सारी ख़ुशियाँ जीवन स्वर्ग लगता है । ज़िन्दगी … Read more

मृत्यु एक अन्तिम कड़ी

दूर कर भ्रम यह मन से मृत्यु सत्य की अंतिम कड़ी हैजन्म और मोक्ष की यह महा अनुपम घड़ी है ।मृत्यु-जीवन सतत प्रक्रिया सृष्टि की सुन्दर लड़ी हैक्या है डरना मौत से मौत तो पग पग खड़ी है । यह तो पुतला मिट्टी का हैपंच तत्वों में सनी हैविलीन हो जायेगी एक दिन शोक की … Read more

कोरा काग़ज़

हे प्रभु ! मैं हूँ एक कोरा काग़ज़ शून्य, भ्रमित, आवारा पन, तू मेरा संबल बन जा कर दूँ तुझ पर पूर्ण समर्पण ।तम में प्रकाश है तूनिराशा में आशा है तू,अविश्वास में विश्वास है तूतन मन मेरा पूर्ण निरूपण ।मिल जाये मज़बूत हौंसला एक संकल्प चट्टानों जैसा, डिगे न पग अपने लक्ष्यों सेबढ़ते चले … Read more

जीवन चक्र

कुम्हार मिट्टी गूँथता है सुन्दर सुन्दर खिलौने बनाता है वह खिलौना एक दिन टूट जाता हैऔर मिट्टी में मिल जाता है कुम्हार वही मिट्टी पुनः गूँथता है और फिर नये खिलौने बनाता है यही तो जीवन चक्र है .शिशु जन्म लेता है कुछ वर्षों में वह किशोर बनता है, वृद्ध होता है और उसका एक … Read more

हौसला

जीवन में हार नहीं मानना जीत की असली निशानी है हौसला रख तू चट्टानों से भी टकराने की.उड़ान भर ऊँचे क्षितिज तक मत कर चिंता धरती पर गिर जाने की .छू ले ऊँचे आसमान को बुलंदियों के झंडे फहराने तक, तू समंदर सा गहरा है..तो कोई गम नहीं मुझे हौसले मेरे भी चट्टान से कम … Read more

रे मन मत हो उदास

रे मन ! तू क्यों है उदासछोड़ मत जीने की आस, कुछ हंस ले, कुछ बोल ले, हंसने का शुल्क नहीं लगता है । रे मन मत ..सुबह से मुँह लपेटे पड़ा है तू जैसे बेहोशी छाई है, किस बात का ग़म है तेरे जहन, अवसाद में घिरा तू रहता है ।रे मन .. नीले … Read more