ऐ चिड़िया ! ऐ चिड़िया ! ऐ मेरी प्यारी चिड़िया
इधर उड़ी उधर उड़ी फुदक रही मेरी चिड़िया ..
डाल पर बैठी मेरी चिड़िया मुझको तकती रहती है
मैं इसे निहारा करता हूँ वह मुझे निहारा करती है
चीं चीं चीं चीं है करती प्रेम प्रदर्शित करती मेरी चिड़िया
छोटी सी चुनमुन सी ये दिखती है मेरी चिड़िया ॥
समझ नहीं पा रहा हूँ मैं क्या मुझसे ये चाहती है
संकेतों से कुछ कहती है जैसे भूखी प्यासी लगती है
बोली इसकी भले न समझूँ मन की भावना जान गया
अन्न के दाने बिखेर दिये, पास आ गयी मेरी चिड़िया ॥
रोप दिये कुछ पौधे प्रांगण में घोंसले उसमें बना दिए
चिड़ियों का झुंड आकर बैठा बसेरा अपना बना लिए
जनन नीर में किया चिड़ियों ने छोटे बच्चे हैं फुदक रहे
जीवन को नयी दिशा मिली,दोस्त बनी सब मेरी चिड़िया ॥
ऐ चिड़िया ! ऐ चिड़िया ! ऐ मेरी प्यारी चिड़िया
इधर उड़ी उधर उड़ी फुदक रही मेरी चिड़िया ..