नवागंतुकों का न तिरस्कार करो
🌿 आड़ा-तिरछा लिखने दो 🌿आड़ा तिरछा लिखने दो,जो लिख रहे हैं उन्हें लिखने दो।प्रयास की ज्योति जलने दो,मन की कलम को चलने दो।।जो मौन रहे, जो चुप बैठे,उनसे ये तो बेहतर हैं।कच्चे शब्दों में भी दे जाते,संदेश नये ये सुंदर हैं।।कभी डाले काटेंगे अपनी,कभी गिरेंगे गिरते फिर उठेंगे।सतत साधना से ही तो,लेखन के दीपक चमकेंगे।।सूर-कबीर … Read more